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हाट स्पाट गांवों में बाल श्रम पर लगेगी रोक

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मिर्जापुर/ अहरौरा। प्रदेश सरकार की परियोजना नया सवेरा के तहत जनपद के गांवों में बाल श्रमिकों को मुक्त कराने का अभियान शुरू किया है। योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिये ब्लॉक स्तरीय आठ सदस्यीय टीम बनाई गई है। जिसके तहत हाट स्पाट चयनित विकास खंड के 40 गांवों में बाल श्रम से जुड़े बच्चों को मुक्त कराया जाएगा।
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बाल श्रम उन्मूलन को योगी सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुये नया सवेरा परियोजना शुरू की है, जिसको ध्यान में रखते हुये जनपद को बाल श्रम मुक्त करने के लिए जिलाधिकारी विमल दुबे द्वारा ब्लॉक स्तरीय टीम गठित किया गया है। जिसमें खंड विकास अधिकारी, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, प्राथमिक पाठशाला के प्रधानाचार्य के साथ ही गांव के प्रधान और सचिव को भी समिति में शामिल किया गया है।
जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किस विकास खंड के कौन से गांव में कितने बच्चे बाल श्रमिक हैं, की सूची निकाली गई तो पता चला कि जनपद के सिर्फ पांच विकास खंड जमालपुर, नारायनपुर, लालगंज, मडिहान और हालिया विकास खंड के चयनित हाट स्पाट 40 गांवों में 2370 बच्चे बाल श्रम कर रहे हैं। इनमें अहरौरा के मानिकपुर हाट स्पाट गांव के 40 और हीनौता के 26 बाल श्रमिक सम्मिलित हैं, वहीं सूची में मड़िहान के राइकरा गांव के सबसे ज्यादा 150 बाल श्रमिक हैं । बालश्रम उन्मूलन के लिए जिला स्तरीय कार्य योजना तैयार करा कर हाट स्पाट गांवों के प्रधान के साथ ही उस गांव के शिक्षकों को भी प्रेरित किया जा रहा है, जिससे प्रभावी ढंग से बाल श्रम पर रोकथाम लग सके । समय समय पर यूनीसेफ द्वारा कार्यक्रम में सहयोग हेतु एक कंसल्टेंट उपलब्ध कराने के साथ ही आवश्यक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित कराया जाएगा जिससे बाल श्रम पर रोकथाम लग सके ।
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वर्जन
योजना कई विभागों के अधिकारियों को एक साथ लेकर शुरू की गई है। इसके तहत बाल श्रमिकों को मुक्त कराकर उनकी पढ़ाई लिखाई का प्रबंध भी कराया जाएगा। जिससे वे बाल श्रम से दूर हो सकें। - बिमल कुमार दूबे, जिलाधिकारी।
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