मिर्जापुर। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए प्रशासन ने जल प्रपातों के पास सुरक्षा के पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त करने की तैयारी की है। जिलाधिकारी ने वन विभाग से सभी प्रपातों पर जाल लगवाने को कहा है जबकि सभी पर्यटन स्थलों पर होमगार्ड की तैनाती करने की तैयारी है।
जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे ने कलेक्ट्रेट सभागार में सिंचाई विभाग तथा वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि जल प्रपातों पर पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं। उनकी सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त करना जरूरी है। उन्होंने होमगार्डस कमाडेंट से कहा कि सभी फालों पर होमगार्ड के जवानों की तैनाती करें। जवानों को यह बताया जाए कि वे सैलानियों को गहरे पानी व खतरनाक स्थानों पर जाने से रोकें। उन्होंने कहा कि जल प्रपातों पर अचानक पानी बढ़ने से तेज बहाव में बहुत से सैलानी बह जाते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के जरूरी इंतजाम कराए जाएं। सिंचाई विभाग व वन विभाग मिलकर इन स्थलों पर मजबूत जाल लगवाएं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग गुरुवार तक जला का बंदोबस्त करके वन विभाग को सौंप दे। वन विभाग उन्हें 14 जुलाई तक सभी प्रपातों में बंधवा दें। उन्होंने बताया कि विंढम फाल, टांडा फाल, खड़ंजा, लखनिया दरी तथा सिद्धनाथ की दरी पर दो दिन के अंदर जाल बंधवा दिया जाए।
जिलाधिकारी बिमल कुमार दूबे ने भटौली घाट जाकर गंगा के पानी व घाट का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि कछवा तथा गंगा पार के गांवों में जाने के लिये परेशानी का सामना करते हुए औराई से जाना पड़ता है। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग से स्टीमर उपलब्ध कराकर चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्टीमर में क्षमता से अधिक सवारी नही बैठाए। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट अश्वनी कुमार पांडेय, सूचना अधिकारी ओम प्रकाश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।