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Mirzapur News: गोदामों में रखा है 30 हजार क्विंटल गेहूं, बारिश में सड़ने का खतरा

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भवानीपुर ​स्थित डिपो के बाहर गेहूं लदे खड़े वाहन।- संवाद।
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मिर्जापुर। किसानों से खरीदी गई गेहूं अब सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ने लगी है। खरीद बंद हुए ढाई महीने गुजर गए, लेकिन जिले के कई क्रय केंद्रों से गेहूं का उठान नहीं हो सका है। विभिन्न समितियों पर करीब 30 हजार क्विंटल गेहूं डंप पड़ा है। बारिश के मौसम में नमी और कीट लगने से इसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
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गेहूं की खरीद 15 जून तक हुई थी। इसके बाद भी उठान की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी। पीसीएफ के जमुई बाजार केंद्र पर 1961 क्विंटल, ददरा हिनौता में 371 क्विंटल और तेंदुआ कला में 851 क्विंटल गेहूं लंबे समय से पड़ा है। पीसीयू के भी कई क्रय केंद्रों पर बड़ी मात्रा में गेहूं डंप बताया जा रहा है। सक्तेशगढ़-तेंदुआ कला के सरकारी गेहूं क्रय केंद्र की स्थिति सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाली है। यहां करीब 851 क्विंटल गेहूं गोदाम में पड़ा है। केंद्र के सचिव अमीन अंसारी के अनुसार, परिवहन ठेकेदार की ओर से समय से पर्याप्त वाहन उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण गेहूं का उठान नहीं हो सका। उठान के लिए एक ट्रक लगाया गया और गेहूं लादकर एफसीआई भेजा गया। वहां जांच के दौरान गेहूं में घुन होने की बात सामने आई। इसके बाद एफसीआई ने गेहूं लदा ट्रक वापस कर दिया। इससे केंद्र पर पड़े गेहूं के उठान की समस्या और गंभीर हो गई है। डिपो के बाहर कतार, केंद्रों पर अनाज का अंबार : बारिश के मौसम में एफसीआई डिपो के बाहर वाहनों की लंबी कतार लग रही है। क्रय केंद्रों से गेहूं लेकर पहुंचे वाहनों को समय से खाली नहीं किया जा रहा है। ऐसे में बारिश में वाहनों पर लदा गेहूं भींगने का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर, केंद्रों के गोदामों में लंबे समय से पड़े गेहूं में नमी और घुन लगने की समस्या सामने आने लगी है। भारतीय खाद्य निगम के डिपो मैनेजर प्रवीण कुमार का कहना है कि बारिश के चलते डिपो में पानी भर गया था। इससे गेहूं उतारे जाने में समस्याएं हो रही थीं। अब मौसम ठीक हो गया है। डिपो में आने वाले वाहन से गेहूं उतारे जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को 19 ट्रक खाली किए गए हैं।
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