जिले में बाढ़ से 300 गांवों के लगभग दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं। लगभग 10 हजार लोग घरों में पानी भरने चलते अपने परिवार व पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। मिर्जापुर-विंध्याचल तथा गैपूरा-विजयपुर मार्ग पानी में डूबने से इन पर आवागमन ठप हो गया है। विंध्याचल व कोन ब्लाक में नाव का संचालन हो रहा है। मिर्जापुर-औराई समेत जिले की आधा दर्जन सड़कों पर पानी भर गया है। कहीं कहीं तो नावों का संचालन भी नहीं हो पाने की वजह से इन गांवों के लोग लाई चना खा कर छत पर रात बिताने को मजबूर हैं।
बाढ़ ने जिले में तबाही मचाना शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते सोमवार की शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 78.320 रहा जो खतरे के निशान 77.724 से 596 सेंटीमीटर ऊपर है। एक सेंटीमीटर की दर से बढ़ रही गंगा गांवों में धीरे धीेर घुस कर अब ग्रामीण इलाकों को घेरने लगी है। बाढ़ से जनपद के छानबे, सिटी, कोन, पहाड़ी, मझवां, सीखड़, नरायनपुर तथा जमालपुर ब्लाक के तीन सौ गांवों में पानी घुस गया है। गांवों में पानी घुसने से लगभग दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं। हर गांव में नाव नहीं उपलब्ध कराए जाने से ग्रामीणों को रोजमर्रा का सामान नहीं मिल पा रहा है।
घरों में पानी घुसने के बावजूद कई लोग अपना मकान नहीं छोड़ रहे और छत पर ही निवास कर रहे हैं। कहीं भी स्वास्थ्य सुविधा नहीं मुहैया नहीं कराई जा रही है। टेढ़वा पुलिस चौकी के पास से मिर्जापुर औराई मार्ग पर गंगा का पानी पहुुंच गया है। इसके अलावा चील्ह गोपीगंज मार्ग, पुरजागिर से कंपनीघाट मार्ग, चील्ह रामपुर मार्ग पानी आ गया है।