जिले के नौ विकास खंडों की 29 ग्राम पंचायतों के 40 राजस्व गांवों को आदर्श गांव बनाने के लिए चिह्नित किया गया है। इन राजस्व गांवों को विकसित कर यहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही इन ग्राम पंचायतों के सचिवों, तकनीकी सहायकों, रोजगार सेवकों व पंचायत मित्रों को स्वच्छ भारत मिशन फेज दो के तहत प्रशिक्षित कर उपलब्ध सुविधाओं की देखरेख के तौर तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी।
योजना के तहत छानबे ब्लॉक की छह, जमालपुर की दो, पटेहरा की एक, राजगढ़ की दो, पहाड़ी की तीन, कोन की तीन, सीखड़ की दो, मझवां की सात तथा हलिया की तीन ग्राम पंचायतें चिह्नित की गई हैं। इन सभी ग्राम पंचायतों के चयनित राजस्व गांवों में लगभग 50 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट से विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके तहत स्वच्छ भारत मिशन फेस दो में गांव से निकलने वाले सूखा व गीला कचरा के निस्तारण के लिए एक स्थान पर दो कूडे़दान बनाए जाएंगे। ग्राम पंचायत के माध्यम से कूड़े का उठान कराया जाएगा।
इसके साथ ही ग्राम पंचायतों में जिन परिवारों में शौचालय अब तक किसी कारणवश नहीं बन सके हैं, उनके यहां प्राथमिकता से शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। गांव से निकलने वाले गंदे जल की निकासी के लिए जगह-जगह गड्ढे खोदकर सोख्ता बनाए जाएंगे। साथ ही नाली का निर्माण भी कराया जायेगा, ताकि पानी चारो तरफ न फैले।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्वयक विनोद श्रीवास्तव ने बताया कि आदर्श गांव के लिए नौ ब्लॉकों के 40 राजस्व गांवों का चयन किया गया है। चयनित गांवों को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जायेगा। संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिव, प्रधान, सहायकों एवं सफाईकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि सभी कार्य आसानी से हो सकें।
जिला पंचायत राज अधिकारी अरविंद कुमार का कहना है कि आदर्श ग्राम योजना के तहत कार्य शुरू हो गए हैं। अभी संबंधित कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया है। जल्द ही विकास कार्य भी शुरू होंगे।