जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 28449 विद्यार्थियों को ड्रेस, जूता-मोजा आदि खरीदे जाने संबंधी योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इसका कारण बच्चों के अभिभावकों का बैंक खाता, आधार कार्ड से लिंक नहीं हो पाना बताया जा रहा है।
जिले के 1806 परिषदीय विद्यालयों में 3,17,748 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से 2,11,862 बच्चों का खाता सत्यापित कराया चुका है। साथ ही 1,38,370 बच्चों के अभिभावकों के खातों में 1200 रुपये धनराशि डीबीटी के माध्यम से पहुंच चुकी है। इस धनराशि से बच्चों के अभिभावक बच्चों के लिए दो सेट ड्रेस, जूता मोजा, बैग, स्वेटर आदि खरीद सकेंगे। इसमें सौ रुपये की धनराशि पेंसिल, शार्पनर व रबड़ आदि खरीदने के लिए भी जोड़ी गई है। पहले यह धनराशि 1100 रुपये ही थी। जिसमें सौ रुपये जोड़कर कुल धनराशि 1200 रुपये कर दी गई। इसके पहले अभिभावकों की शिकायत थी कि बच्चों को विद्यालय से जो वस्तुएं दी जाती थीं, उसमें गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता है। इसलिए प्रदेश सरकार ने अब डीबीटी के माध्यम से उतनी धनराशि सीधे अभिभावकों के खातों में ही भेज दिया है, ताकि वे अपने मन मुताबिक सामान खरीद सकें और बच्चों को उसका लाभ मिल सके। डीबीटी के लिए जो खाते सत्यापित किए जा रहे हैं, उनमें से काफी संख्या में अभिभावकों के खाते मिसमैच भी हैं। कई अभिभावकों के नाम व पता में अंतर है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग इस प्रकार के खातों को ठीक करा रहा है, ताकि बच्चों के अभिभावकों के खाते में जो धनराशि भेजी जाय, वह उन तक पहुंच सके। बीएसए गौतम प्रसाद का कहना है कि विद्यालयों के 1,38,317 बच्चों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेज दी गई है। विभिन्न विद्यालयों के 28,449 बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं हो पाए हैं। कुछ लोगों के खातों में कुछ अन्य कमियां भी हैं। उनको ठीक कराया जा रहा है। अन्य खातों में जो भी गड़बड़ी है, उसको भी ठीक कराया जा रहा है।