मिर्जापुर। शारदीय नवरात्र के नवमी तिथि पर सिद्घिदात्री के रूप में मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन के लिए भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। नवरात्र मेें नौ दिन उपवास करने वालों ने हवन पूजन किया। श्रद्धालुओं के जयकारे से मेला क्षेत्र गुंजायमान रहा। मंदिर के छत पर मुंडन संस्कार कराने वालों का तांता लगा रहा। नौ दिन पाठ करने वाले अनुष्ठान कर पूजन पूर्ण किया। मंदिर क्षेत्र के इर्द गिर्द सभी गलियां भक्तों से खचाखच भरी रहीं। भक्त जय मां दुर्गे जय मां तारा दयामई कल्याण करो व जय मां विंध्यवासिनी के जयकारे लगाते रहे।
पुरानी वीआईपी, नई वीआईपी, कोतवाली रोड व धाम की गलियों में कतारबद्ध होकर श्रद्धालु खड़े रहे। श्रद्धालु मन में कुशल मंगल की कामना के लिए परिवार के साथ लाइन में खड़े होकर मां की एक झलक पाने को आतुर रहे। हाथों में नारियल व चुनरी लिए दर्शनार्थी जयकारे लगाते रहे। मंदिर की छत पर नौ दिनों से अनुष्ठान कर रहे लोगों ने हवन कुंड पर जाकर हवन पूजन किया। नवरात्र में पूरे नौ दिनों तक व्रत रखने वालों ने कुंवारी कन्याओं का पूजन कर खिलाया। साथ ही मां के रूप में बैठी कन्याओं का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। गंगा घाट पर सुबह से ही दूर दराज से आए दर्शनार्थियों का रेला लगा रहा। इस दौरान दिवान घाट, पक्काघाट, गुदाराघाट आदि घाटों पर स्नान करने वालों का तांता लगा रहा। नवरात्र में ड्यूटी में लगे पुलिस के जवान निर्धारित ड्यूटी से परेशान रहे। पूरे नवरात्र भर पुलिस व पंडों के बीच नोंक झोंक होती रही। नवरात्र के नवमी तिथि पर मंदिर पर अनुष्ठान करने व नौ दिनों तक व्रत पूजन करने वालों ने मंदिर परिसर में स्थित हवन कुंड में हवन किया। इस दौरान हवन कुंड में तिल रखने का स्थान नहीं था।