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बहन के साथ दुराचार करने वाले भाई को आजीवन कारावास

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मिर्जापुर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश भगवती प्रसाद सक्सेना ने सगी छोटी बहन से दुराचार करने के आरोपी भाई का दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, चुनार कोतवाली क्षेत्र निवासिनी 17 वर्षीय किशोरी ने 17 जुलाई 2017 को कोतवाली में तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि 17 जुलाई को जब उसके माता पिता मजदूरी के लिए घर से बाहर गए थे तो उसका भाई घर में आया। शाम करीब चार बजे उसे अकेला पाकर मारने-पीटने लगा और धमकाने के बाद उससे दुराचार किया। घटना के बाद आरोपी भाई भाग गया। देर शाम को माता पिता के घर आने पर उसने आपबीती सुनाई तो वह दंग रह गए। वह माता पिता के साथ कोतवाली पहुंची और भाई के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए पीड़िता का मेडिकल कराया और न्यायालय में 164 का बयान दर्ज कराया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अभियोजन की तरफ सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पंकज कुमार सिंह ने छह गवाह प्रस्तुत कराया। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली और अभियोजन की तरफ से साक्ष्य से भाई का अपराध सिद्ध हो गया। अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी ने भाई बहन के पवित्र रिश्ते को नष्ट किया है। इसलिए उसे अधिक से अधिक सजा से दंडित किया जाए। न्यायालय ने राकेश साहनी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर जेल भेज दिया। जुर्माने की राशि अदा न करने पर एक महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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