फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अर्धकुंभ मेला के मद्देनजर तैयारी नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
विंध्याचल। प्रयागराज में अर्धकुंभ मेला लगने को चंद दिन हैं, लेकिन विंध्याचल में भक्तों की सुविधा के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि विगत दिनों आयुक्त मुरली मनोहर लाल ने पालिका प्रशासन को सख्त निर्देश दिया था कि 31 दिसंबर तक अर्धकुंभ के मद्देनजर विंध्याचल में आने वाले श्रद्घालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए समस्त तैयारियां पूर्ण करा लिया जाए, लेकिन पालिका प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि आयुक्त के निर्देश का भी पालन नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन

प्रयागराज में लगने वाले विशाल अर्धकुंभ मेले के मद्देनजर विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने को लाखों की संख्या में श्रद्घालुओं के आने की संभावना है। जिसको लेकर विगत दिनों आयुक्त ने अधिकारियों संग बैठक कर विंध्याचल में सभी तैयारियों को जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया था। आयुक्त ने यह भी कहा था कि विंध्याचल में लघु कुंभ जैसी व्यवस्था दिखाई देनी चाहिए, लेकिन अभी तक विंध्याचल में भक्तों की सुविधाओं के लिए किसी प्रकार की तैयारी शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में अर्धकुंभ मेले से आने वाले लाखों आस्थावानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लाख कवायद के बाद भी विंध्याचल में अर्धकुंभ मेले से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए अभी तक किसी भी तरह की तैयारी शुरू नहीं हो पाई है। न तो अस्थाई रैन बसेरा बन पाया है और न ही गंगा घाटों पर अस्थाई शौचालय। यही नहीं गंगा घाटों पर फैले कूड़ा-करकट, सिल्ट के चलते स्नानार्थियों को असुुविधा का सामना करना पड़ सकता है। विंध्याचल की सातों गलियों में नालियां जाम हैं, वहीं अधिकांश नालियों के उपर के ढक्कन गायब हैं, जिससे भक्तजन आए दिन चुटहिल होते रहते हैं। विंध्याचल के पक्काघाट, कच्चाघाट, दीवानघाट, परशुराम घाट, गुदाराघाट, इमलीघाट, अखाड़ा घाट, भैरो घाट, बाबूघाट आदि घाटों पर गंदगी व सिल्ट फैली हुई है, वहीं कहीं पर बैरिकेडिंग आदि की व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही है, जिससे आने वाले स्नानार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। शीतलहर व कड़ाके की ठंड के बावजूद न तो गंगा घाटों पर और न ही पहाड़ व विंध्याचल में अलाव जलवाने की व्यवस्था कराई गई है। घाटों पर महिलाओं के वस्त्र बदलने के स्थान नहीं बने हैं, जिससे उनको भी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें