मिर्जापुर। यूपी बोर्ड परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू हो रही हैं। इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। राजकीय इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी के चलते कोर्स पूरे नही हो सके हैं। जिससे परीक्षार्थियों को परेशानी हो रही है। जीआईसी महुवरिया में ही विज्ञान और गणित के शिक्षक नही होने से कोर्स पूरा नही हो पाया। वर्तमान में राजकीय विद्यालयों में स्वीकृत 534 पदों के सापेक्ष 393 पद रिक्त चल रहे हैं। जिससे राजकीय विद्यालयों में पठन पाठन प्रभावित हो रहा है। माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से पठन पाठन बाधित हुआ है। राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्य के स्वीकृत 62 पदों के सापेक्ष 42 पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं प्रवक्ता के 64 पदों में से 33 पद, सहायक अध्यापक के 408 में से 318 पद रिक्त चल रहे हैं। इस समय 60 माध्यमिक विद्यालयों में 20 प्रधानाचार्य, 31 प्रवक्ता और 90 सहायक अध्यापक पठन पाठन करा रहे हैं। नवीन राजकीय विद्यालयों में तो महज एक या दो शिक्षकों की तैनाती है। जिनके कंधे पर पठन पाठन से लेकर कार्यालयी कार्य तक की जिम्मेदारी है। कछवां के राजकीय कन्या विद्यालय में शिक्षकों की कमी के चलते शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। छात्र-छात्राएं कोचिंग सेंटरों पर जाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कन्या विद्यालय में ढाई हजार से अधिक छात्राओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी सिर्फ चार शिक्षकों पर है। जबकि नौ शिक्षकों के पद सृजित हैं, लेकिन तैनाती सिर्फ तीन की है। हिंदी, इतिहास, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं उर्दू जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पद वर्षों से खाली हैं। जीआईसी प्रधानाचार्य सूर्यदेव सिंह ने बताया कि गणित व विज्ञान सहित कई शिक्षकों के पद खाली हैं। शिक्षकों से सहयोग लेकर पठन पाठन कराया जा रहा है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज विंध्याचल की प्रधानाचार्या डा. गीता सिंह ने बताया कि गृह विज्ञान और कला विषय के शिक्षकों के पद खाली हैं। शिक्षक नही होने से पठन पाठन में परेशानी होती है, लेकिन अन्य शिक्षकों द्वारा कोर्स को पूरा कराया जा रहा है। जमालपुर स्थित देवकली इंटर कॉलेज में परीक्षा केंद्र की दीवार टूटी हुई है। वहीं टूटी खिड़कियों की मरम्मत चल रही है।