मिर्जापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर्मस्थली गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 30 बच्चों की मौत से जनता में रोष है। कांग्रेसजनों ने शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में नारघाट में बच्चों को श्रद्घा सुमन अर्पित किया। कांग्रेसजनों ने कैंडिल जला कर शहीद उद्यान से घंटाघर तक मृत बच्चों की आत्मा की शांति के लिए शांति मार्च निकाला।
शहर अध्यक्ष अब्दुल वहीद ने कहा कि प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री की नाक के नीचे भ्रष्टाचार की वजह से 30 बच्चों की जान गई। वहीं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री गलतियां मानने की बजाए बच्चों के मरने का आंकड़ा गिना रहे हैं, जिससे इनकी जितनी निंदा की जाए कम है। महासचिव अर्चना चौबे ने कहा कि आरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत पर कार्रवाई की बजाए सच छिपाने के लिए आंकड़ों का खेल होता रहा, जो निंदनीय है। बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाए। वहीं जिला अस्पताल में ही विगत दिनों से पेट्रोल की कमी से एंबुलेंस की गाड़ियां नहीं चली, जिससे जनपद में ही मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उपाध्यक्ष मुशीर आलम अंसारी ने कहा कि बच्चों की मौत की भरपाई संभव नहीं है, इस घटना से प्रदेश की जनता का योगी सरकार से भरोसा उठ चुका है। इनको सरकार में रहने का कोई हक नही है। प्रमोद श्रीवास्तव ने सरकार से प्रत्येक बच्चों के माता पिता को 20 लाख रुपया मुआवजा देने की मांग किया। छोटे खान ने कहा कि सरकार को घटना की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। इस दौरान संजय यादव, नशरत खान, संतोष ओमर, राजेंद्र विश्वकर्मा, नरेश चौधरी, कृष्णा जायसवाल, जुग्गी लाल वर्मा, कपूरचंद्र विश्वकर्मा, अमिताभ शुक्ला, लक्ष्मण कसेरा ने अपने विचार व्यक्त किया। कैंडिल मार्च में अंकित अग्रहरी, मो. हसन, मो. यासिन, मो. कलीम, मुन्ना खान, भैया लाल, लक्ष्मी नारायण कुशवाहा, अंकुर श्रीवास्तव, आजाद, स्वरुप चंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।