हलिया। प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता और गड़बड़ियों की जांच प्रक्रिया धीमी होने के कारण पात्रता की श्रेणी में आने वाले लाभार्थियों में निराशा है। सीडीओ ने विकास खंड की 25 ग्राम पंचायतों की जांच कर 28 फरवरी तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था लेकिन 12 दिन में महज चार गांवों की ही जांच हो पाई है। विकास खंड के इंद्रावार, बबुरा रघुनाथ सिंह, मड़वा धनावल, हर्रा की जांच की जा चुकी है। शेष ग्राम पंचायत में आज तक जांच अधिकारी नहीं पहुंचे। इससे अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आवास से वंचित पात्र लाभार्थी इस आस में है कि जांच के बाद उन्हें छत नसीब हो जाएगी। ग्राम पंचायत मड़वा धनावल में उपायुक्त श्रम रोजगार, इंद्रवार में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कल्याण अधिकारी, हर्रा में जिला प्रोवेशन अधिकारी, बबुरा रघुनाथ सिंह में अधिशासी अभियंता जल निगम द्वारा जांच की जा चुकी है। शेष 21 ग्राम पंचायतों की जांच के लिए अभी तक अधिकारियों के दर्शन गांव में नसीब नहीं हुए। जबकि 12 फरवरी को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा संबंधित जांच अधिकारियों को ग्राम सभा के संबंधित कागजातों के साथ जांच करने का आदेश जारी किया गया था। इतना ही नहीं 28 फरवरी तक पूर्ण करके जांच आख्या मुख्य विकास अधिकारी को सौंपा जाना था। लेकिन 12 दिन में मात्र चार गांव की ही जांच हो पाई है। धीमी जांच प्रक्रिया के चलते पात्र लाभार्थियों में निराशा छाई हुई है। खंड विकास अधिकारी दीनदयाल वर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में हुई गड़बड़ी की जांच चल रही है जिसकी रिपोर्ट सम्वंधीत अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी को सौंपेंगे।