गोदाम में व्यापारी से पूछताछ करती टीम
मिर्जापुर। वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर ओपी सिंह के नेेतृत्व में छह सदस्यीय टीम ने गुरुवार को कटरा कोतवाली क्षेत्र के पान दरियवा मोहल्ले में गुटखा, तंबाकू और माचिस के एक गोदाम पर औचक छापेमारी की। इस दौरान टीम ने शंकरलाल रामसागर फर्म के मालिक शंकरलाल से खरीद ब्रिकी से संबंधित अभिलेख मांगे तो शंकरलाल नहीं दिखा सके। कहा कि सारे अभिलेख उनके मुंशी के पास है लेकिन वह आज आया नहीं है। उसके आने के बाद सभी अभिलेख दे पाएंगे। इसके बाद टीम ने नोटिस देते हुए तीन अक्तूबर तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। चेतावनी दी कि अगर उसने खरीद ब्रिकी का हिसाब नहीं दिया तो जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
वाणिज्य कर विभाग को शिकायत मिली थी कि नगर के पान दरियवा मोहल्ले में स्थित एक व्यापारी की ओर से टैक्स में हेराफेरी की जा रही है। इससे सरकार को राजस्व की हर महीने लाखों की क्षति हो रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ज्वाइंट कमिश्नर ओपी सिंह ने विशेष सतर्कता दल के साथ गुरुवार की दोपहर दो बजे शंकरलाल रामसागर फर्म के गोदाम पर औचक छापा मारा। इसकी जानकारी होते ही व्यापारियों में हड़कंप मच गया। अधिकांश व्यापारी अपनी अपनी दुकानें बंद करने लगे। टीम ने गोदाम पर पहुंचते ही व्यापारी शंकरलाल से माल की खरीद और बिक्री का पूरा हिसाब मांगा और पूरे गोदाम की जांच की। जांच के दौरान पाया कि 36 पेटी गुटखा, 160 पेटी माचिस और 36 पेटी जर्दा रखा था। टीम ने इन सामान का जीएसटी बिल चेक किया। इसके अलावा अबतक की गई खरीद और बिक्री का बिल उपलब्ध कराने को कहा। टीम ने बताया कि व्यापारी के पास कई बिल नहीं थे। मांगने पर बताया कि व्यापारी ने बताया कि सभी बिले उसके मुनीम के पास हैं जो गैर जनपद गया है। उसके आने पर बिल दे देगा। बिल नहीं देने पर टीम ने नोटिस देकर तीन अक्तूबर तक बिल जमा करने की मोहलत दी। बिल नहीं देने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी। सूत्रों की मानें तो खरीद और बिक्री में बडे़ पैमाने पर गड़बड़ी है जिसकी जांच टीम ने की हैै।
वाणिज्य कर की छापेमारी की जानकारी होते ही आसपास और करीब सौ मीटर के दायरे में आने वाले अधिकांश व्यापारी अपने-अपने गोदाम बंद कर लापता हो गए। कुछ तो दूर से टीम की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। यह सोच कर वे सशंकित थे कि कहीं टीम उनके प्रतिष्ठान और गोदाम पर न आ जाए।