मिर्जापुर। आधार का दुरुपयोग कर अनाज लेने वाले आठ कोटेदारों की सस्ते गल्ले की दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी अनुराग पटेल के निर्देश पर जिलापूर्ति अधिकारी उमेश चंद्र ने यह कार्रवाई की है। इसके पूर्व जिलाधिकारी के निर्देश पर इन आठ कोटेदारों पर संबंधित थानों में केस दर्ज कराया जा चुका है।
आरोपी कोटेदारों पर आधार का दुरुपयोग करते हुए अनाज निकाल लेने का आरोप है। बीते जुलाई में जब लखनऊ में जांच हुई तो गड़बड़ी उजागर हुई। मामला सामने आने पर जिलापूर्ति अधिकारी उमेश चंद्र ने कार्रवाई करते हुए मंगला प्रसाद वासलीगंज सिटी कोतवाली दुकान 19, राजेंद्र प्रसाद जायसवाल विंध्याचल दुकान 56, मनोज कुमार केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार ककरहवा दुकान 49, रईस अहमद मकरी खोह यातायात पर्यटन सहकारी समिति जोगियाबारी दुकान 85, गोपीनाथ मुकेरी बाजार दुकान संख्या 66, विजय कुमार गनेशगंज सीसी स्टोर दुकान संख्या 18 रमईपट्टी, शहाबुद्दीन उर्फ मोनिस खां संगमोहाल सीसी स्टोर दुकान संख्या 31 कतवारू का पुरा और हनुमान दास मुकेरी बाजार दुकान संख्या 67 के खिलाफ धारा 3/7 ईसी एक्ट, 419 तथा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद इन कोटेदारों की सस्ते गल्ले की दुकानों का अनुबंध पत्र निलंबित कर दिया गया।
सुरक्षित ई-पास मशीन में भी लगी सेंध : मिर्जापुर। सस्ते गल्ले की दुकानों के खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने और पारदर्शिता के लिए लगाई गई सुरक्षित ई-पास मशीन में भी सेंध लग गई है। सुरक्षित समझी जाने वाली इस मशीन का भी काट निकाल लिया गया है। जांच में सस्ते गल्ले की दुकानों पर सात आधार कार्डों का दुरुपयोग कर 1027 बार में 500 क्विंटल अनाज निकाले जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कई लोगों के नाम पर इन सात आधार कार्डों के नंबर फीड कर अनाज निकाला गया। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह गड़बड़ी कोटेदारों के स्तर से हुई है या हैकरों ने ऐसा किया है। मामले की जांच चल रही है। लखनऊ में खाद्य विभाग के अधिकारियों ने जुलाई में कोटेदारों की ओर से अनाज वितरण की जांच के दौरान गड़बड़ी पकड़ी। शासन की नई व्यवस्था के तहत राशन कार्डों को प्रति लाभार्थी के आधार नंबर से जोड़ा गया है। इस व्यवस्था से परिवार के मुखिया द्वारा ई पास मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद ही अनाज मिलता है।