मिर्जापुर। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार की जगह अब लड्डू, दलिया और बीनिंग फूड का वितरण होगा। बच्चों, धात्री और गर्भवती महिलाओं को नई व्यवस्था के तहत नया पोषाहार मिलेगा। पहचान के लिए इनको अलग अलग रंगों के पैकेटों में पैक किया जाएगा। पहले गांव स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहले विभाग पोषाहार पहुंचाता है लेकिन अब निदेशालय स्तर पर फर्म को दिया गया है। अब फर्म ही सीधे गांव-गांव तक पहुंचाएगी।
बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह माह से तीन वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को पूर्व में पोषाहार का वितरण किया जाता था, जो खुले और पाउडर की तरह होता था। इसके वितरण में काफी परेशानी होती थी, कभी कभी पोषाहार भी खराब हो जाता था, जिसको लेने से इंकार कर देते थे। इन समस्याओं को देखते हुए बाल विकास विभाग में नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत अब लड्डु, दलिया और बीनिंग फूड बंटेगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि सात माह से तीन वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्कूल छोड़ चुकी किशोरियों को महीने भर का पोषाहार तीन बार में दिया जाएगा। पोषाहार का वितरण आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रत्येक माह की पांच, 15 और 25 तारीख को वितरित होगा। सभी लाभार्थी प्रतिदिन बताई गई मात्रा और प्रशिक्षण के अनुसार, पोषाहार को घर पर बनाएंगी। इसे दिन में दो या तीन बार खाएंगी। जबकि तीन से छह वर्ष के बच्चों को प्रतिदिन केंद्र पर ही पोषाहार दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सात माह से तीन वर्ष के बच्चों को नौ दिन का बीनिंग फूड, आठ दिन के लिए मीठी दलिया और आठ दिन के लिए नमकीन दिया जाएगा। इसी प्रकार गर्भवती और धात्री महिलाओं और स्कूल छोड़ चुकी किशोरियों को नौ दिन के लिए लड्डू, आठ दिन के लिए नमकीन दलिया घर पर ले जाने के लिए दिया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में 2668 आंगनबाड़ी केंद्र पंजीकृत है। इसमें छह माह से तीन वर्ष तक के पंजीकृत 157093, तीन से छह वर्ष के 140322 तथा 43842 गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषाहार का वितरण होता है।