कैलहट। शादी के लिए परिवार वालों के तैयार नहीं होने से क्षुब्ध होकर पचेवरा में हनुमान मंदिर के पास गुरुवार को ट्रेन से कटकर जान देने पहुंचे प्रेमी युगल को पुजारी और ग्रामीणों ने बचा लिया। दोनों के परिवार के लोगों को बुलाकर बातचीत की और उनकी सहमति के बाद प्रेमी युगल की मंदिर में धूमधाम के साथ शादी करा दी। इसके बाद दोनों हंसीखुशी घर चले गए। लोगों ने पुजारी और ग्रामीणों के इस प्रयास की सराहना की है।
पौनी गांव निवासी पवन कुमार पुत्र मंसाराम और शिवपुर की सीमा पुत्री मोहन प्रसाद का दो वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था। घरवालों के मना करने के बाद भी दोनों मिलते जुलते रहे। दोनों के परिवार वाले शादी को तैयार नहीं थे। इससे क्षुब्ध होकर गुरुवार को प्रेमी युगल भाग कर पचेवरा हनुमान मंदिर के सामने रेलवे लाइन पर आत्महत्या करने के लिए ट्रेन का इंतजार करने लगा। इसी बीच मंदिर पर बैठे पचेवरा निवासी अनिल सिंह की नजर दोनों पर पड़ी। प्रेमी युगल ट्रेन के सामने कूदने का प्रयास करने वाला था कि कुछ ग्रामीणों के साथ पहुंचे मंदिर के पुजारी ने दोनों पकड़ लिया। पूछने पर लड़की ने बताया कि दोनों शादी करना चाहते हैं लेकिन घरवाले तैयार नहीं हैं। इसलिए वे जान देने आए हैं। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने दोनों घर वालों को सूचित किया। घरवालों के आने के बाद लगभग दो घंटे तक पंचायत चली। इस दौरान प्रेमी प्रेमिका के परिवार वाले दोनों की शादी पर राजी हो गए। मोहन प्रसाद ने बताया कि उसकी बेटी बैंक जाने की बात कहकर सुबह सात बजे घर से निकली थी। लड़का उनके रिश्तेदारी का है और विगत कई वर्षों से बराबर उनके घर आता जाता रहा है। सहमति बनने पर ग्रामीणों के सहयोग कर बैंड बाजा, पुरोहित, मिठाई, कपडे़ आदि की व्यवस्था की गई और धूमधाम के साथ दोंनों की मंदिर में शादी कराई गई। शादी के बाद वर पक्ष सीमा की विदाई करा कर ले गया। इस शादी को लेकर क्षेत्र में चर्चा है। वहीं वर, वधू पक्ष के लोग खुश हैं।