मिर्जापुर। नगर के नालों का पानी अब गंगा में नहीं गिरेगा। इसके लिए शासन स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इससे तहत नगर के 12 नालों को एक साथ जोड़कर उसका पानी गंगा में गिरने से रोका जाएगा। नालों का पानी साफ कर किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। कार्ययोजना को मूर्त रूप देने के लिए प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने नगर में गंगा में गिर रहे नालों और पक्का पोखरा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया।
जल निगम के अधिशासी अभियंता एके सिंह ने प्रमुख सचिव को बताया कि नगर में 12 नालों से गंदा पानी गंगा में गिर रहा है। अमृत योजना और नमामि गंगे योजना के तहत सभी नालों को एक साथ जोड़ा जाएगा। इसके बाद नगर के दूषित जल को पंप करके पक्का पोखरा स्थित ट्रीटमेंट प्लांट पर लाया जाएगा। ट्रीटमेंट प्लांट में दूषित जल को स्वच्छ किया जाएगा और कचरे से खाद बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि साफ किए गए पानी को किसानों को सिंचाई के लिए तथा गंदे पदार्थो से तैयार खाद खेती के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे जिले में किसानों को सिंचाई के लिए पानी और खाद की किल्लत दूर होगी। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र श्रीवास्तव ने प्रमुख सचिव को बताया कि अमृत योजना के तहत लगभग 65 करोड़ खर्च करके कार्य किया जाएगा। प्रमुख सचिव ने कहा कि शासन की मंशानुरूप नगर का गंदा पानी गंगा में नही गिरना चाहिए। इसके लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप देकर अमृत योजना को जल्द से जल्द पूरा करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।