राजगढ़। धान की पैदावार बढ़ाने और हाईब्रिड धान की उपज को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग द्वारा राजगढ़ क्षेत्र के किसानों को हाइब्रिड धान का बीज तो प्रोत्साहित कर दे दिया गया। अब जब धान क्रय करने की बारी आई तो सरकारी कर्मचारी यह कह कह धान नहीं खरीद रहे हैं कि हाईब्रिड धान से चावल की रिकवरी पूरी नहीं हो पा रही है। इससे किसान परेशान हैं।
कृषि विभाग द्वारा प्रदर्शन के नाम पर हाइब्रिड धान का बीज शत प्रतिशत छूट पर दे दिया गया, लेकिन अब धान का क्रय करने में आनाकानी की जा रही है। इससे अब हाइब्रिड धान बेचने के लिए किसान परेशान हैं। किसानों को सरकार द्वारा धान के बोआई के समय प्रोत्साहन देकर हाईब्रिड धान का बीज सब्सिडी देकर बेचा गया। किसानों ने पूरी मेहनत से कई माह लग कर पानी नहीं होने पर भी तरह तरह के जतन कर धान की फसल तैयार कर लिया तो उसे क्रय करने में आनाकानी करने से किसानों के माथे पर बल पड़ गया है। राजगढ़ क्षेत्र धान बाहुल्य क्षेत्र है जहां पर प्रतिवर्ष के करोड़ों का धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा जाता रहा है। सरकारी नुमाइंदे किसानों को क्रय केंद्र से यह कह कर वापस कर रहे हैं कि हाइब्रिड धान में पूरी तरह से चावल की रिकबरी नहीं हो पा रही हैं। ऐसी दशा में हाइब्रिड का धान की बुवाई करने वाले किसान आखिर किसके पास जाए। यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है। किसानों ने बताया कि लगता है अंत में व्यापारी को ही औने पौने दामों में बेचना पड़ेगा। अगर जिलाधिकारी किसानों की इस समस्या पर अपनी नजर इनायत कर लें तो शायद किसान अपनी उपज की सही कीमत पा सकें।
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जिसका साफ सुथरा धान है उसका हाईब्रिड धान भी खरीदा जा रहा है। किसी को वापस नही किया जा रहा है। किसानों का आरोप निरर्थक है।
- आर के सिंह
वरिष्ठ हाट निरीक्षक हाट शाखा