मिर्जापुर। एक माह बाद भी आठ सूत्री मांग पत्र का निराकरण नहीं होने पर बीएचयू साउथ कैंपस के छात्र साइबर लाइब्रेरी बनाने की मांग को लेकर शुक्रवार को कैंपस के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने कहा कि जब तक साइबर लाइब्रेरी नहीं बनाई जाती है कि तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। बता दें कि पिछले एक महीने से राजीव गांधी दक्षिणी परिसर बरकछा के छात्र साइबर लाइब्रेरी बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र सत्यवीर सिंह बागी ने कहा कि हमारा संघर्ष जारी है और जब तक मांगे पूरी नहीं होती है तब तक जारी रहेगा।
बताया कि एक और 13 सितंबर को प्रभारी आचार्य को आठ सूत्री समस्याओं के निवारण हेतु पत्रक सौंपा गया था। इसको लेकर आचार्य प्रभारी ने चार सप्ताह के अंदर साइबर लाइब्रेरी चालू करने का लिखित आश्वासन भी दिया था। जिसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया था। वादे को पूरा करने की तिथि शुक्रवार को समाप्त हो गई फिर भी आश्वासन पर अमल नहीं किया गया। इससे नाराज छात्र शुक्रवार को मुख्य गेट बंद कर धरने पर पर बैठ गए। छात्रों ने आठ सूत्री मांग के बारे में बताया कि साइबर लाइब्रेरी पांच दिन के अंदर चालू कराया जाय। बुक स्टॉल कमरे के खुलने का समय प्रात: आठ बजे से शाम छह बजे तक हो जिससे छात्र अपनी जरूरत की पुस्तकें प्राप्त कर सकें। लाइब्रेरी के खुलने का समय बढ़ा कर प्रात: 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक किया जाय, लाइब्रेरी में बंद पड़ी न्यूज पेपर और मैगजीन एवं नई किताबों की सेवाएं तत्काल चालू की जायं, लाइब्रेरी में बंद पड़े रीडिंग हाल को तत्काल प्रभाव से चालू किया जाय। एंबुलेंस की सेवा पुन: बहाल किया जाय। छात्रावास और कक्ष संकाय के अधिक दूरी को ध्यान में रखते हुए परिसर में यातायात ( ई-रिक्शा ) की सेवा तत्काल शुरू किया जाए। सभी छात्रावासों में वाईफाई इंटरनेट सेवा तत्काल शुरू किया जाय एवं जहां ख़राब पड़ी हैं वहां दुरुस्त किया जाय। कहा कि प्राय: कम्युनिस्ट विचारधारा से आए प्राध्यापकों ने छात्रों का शोषण कर उनके मूल अधिकारों से वंचित कर रखा है। कुछ प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है की दक्षिणी परिसर बीएचयू का परिसर नही है कुलपति एवं एमएचआरडी स्पष्ट करे की वास्तविकता क्या है, यदि दक्षिणी परिसर बीएचयू का परिसर है तो मुख्य परिसर की भांति मूलभूत सुविधायें छात्रों को दी जायें। इस दौरान विजय पाठक, प्रिंस पाठक, संस्कार राय, रजित यादव, कुशाग्र उपाध्याय, कौशल प्रताप आदि मौजूद रहे।