मिर्जापुर। सर्द-गर्म मौसम के चलते मंडलीय अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले चर्मरोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रतिदिन दो सौ से तीन सौ मरीज आजकल आ रहे हैं। चिकित्सकों ने इसका कारण मौसम में हो रहे उतार- चढ़ाव को बताया है। मंडलीय अस्पताल में सामान्य मौसम में चर्मरोग विभाग में 75 से सौ के बीच मरीजों की संख्या रहती थी। इधर एक महीनें में इनकी संख्या दो सौ से ऊपर पहुंच गई और पिछले एक सप्ताह से इनकी संख्या तीन सौ के आसपास पहुंच रही है। ओपीडी में चर्मरोग कक्ष के सामने मरीजों की इतनी भीड़ रहती है कि वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है। यहां आने वाले मरीजों की प्रमुख समस्या मुंह पर आने वाले दाने हैं। इनमें युवा व अधेड़ दोनों शामिल हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कभी सूखी हवा चलने लगती है तो कभी बर्फीली नमी वाली हवा। इससे संवेदनशील त्वचा तत्काल प्रभावित होती है और उसकी ऊपरी सतह क्षतिग्रस्त हो जाती है जिसके कारण दानें निकलने लगते हैं। यदि इन पर ध्यान न दिया गया तो ये हल्के घाव में भी परिवर्तित हो सकते हैं। इसके लिए अच्छे किस्म के माइश्चराजर का प्रयोग करने की सलाह दी गई। साथ ही स्वच्छ एवं सूखे तौलियों के प्रयोग की भी सलाह दी गई।