मिजापुर। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा वाटर रिसोर्स के तहत नगर के सात गंगा घाटों व तीन शमशान स्थलों का जल्द ही सुंदरीकरण कराया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने 35 करोड़ 38 लाख 99 हजार अवमुक्त कर दिया है। सुंदरीकरण कार्य नमामि गंगे प्रोजेक्ट के इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड जो भारत सरकार का उपक्रम है, द्वारा किया जाएगा।
जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने बताया कि नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा वाटर रिसोर्स के तहत केंद्र सरकार से प्राप्त 35 करोड़ 38 लाख 99 हजार रुपये की लागत से नगर के नारघाट, पक्का घाट, गंगाराम घाट, ओलियर घाट, बरियाघाट, गऊघाट, कचहरी के अलावा शमशान स्थल गजिया, चौबेघाट, रामगयाघाट का सुंदरीकरण कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट की कुल लागत 27 करोड़ 41 लाख है। भारत सरकार द्वारा नारघाट के लिए दो करोड़ 99 लाख दो हजार, पक्काघाट के लिए एक करोड़ नौ लाख 33 हजार, गंगाराम घाट के लिए तीन करोड़ 29 लाख 22 हजार, ओलियर घाट के लिए तीन करोड़ तीन लाख 85 हजार, बरियाघाट के लिए दो करोड़ 54 लाख 70 हजार, कचहरी घाट के लिए दो करोड़ 23 लाख 29 हजार, गऊघाट के लिए 87 लाख सात हजार तथा चौबेघाट के लिए चार करोड़ 92 लाख 93 हजार, गजिया घाट के लिए चार करोड़ 28 लाख 85 हजार और रामगया घाट के लिए 55 लाख 58 हजार रुपया अवमुक्त कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि घाटों के सुंदरीकरण के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त 35 करोड़ 38 लाख 99 हजार में से चार प्रतिशत प्रोजेक्ट कास्ट और चार प्रतिशत सुपरविजन कास्ट शामिल है। उन्होंने कहा कि घाटों पर सुंदरीकरण कार्य की प्रक्रिया अविलंब प्रारंभ कर जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाएगा।
सात गंगा घाटों व तीन शमशान घाटों का होगा सुंदरीकरण