मिर्जापुर। जनपद न्यायाधीश नवीन श्रीवास्तव ने जमीन के लालच में की गई अधेड़ की हत्या के जुर्म में दोषसिद्ध होने पर चाचा-भतीजे को कठोर आजीवन कारावास की सजा सोमवार को सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर 17-17 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। दोनों को जेल भेज दिया गया।
अभियोजन अनुसार लालगंज थाना क्षेत्र के पियुरी गांव निवासी वादी मुकदमा रामजी गौड़ पुत्र लालमनि गौड़ ने 30 अप्रैल 2008 को थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके चाचा त्रिवेणी गौड़ की शादी नहीं हुई थी। न ही उनको कोई संतान है। उनके नाम से जमीन है जिसके लालच में आरोपी पियुरी गांव निवासी पूर्व प्रधान रामजग मौर्या एवं उनके भाई श्यामजग पुत्र लौधर तथा रामजग के लड़के संतलाल अपने साथ त्रिवेणी गौड़ को अपने साथ रखते थे। इसी बीच रामजग ने उनकी कुछ जमीन पर बाउंड्री बनाकर कब्जा कर लिया। शेष जमीन को कब्जा करने के लिए दबाव बना रहे थे। बोला करते थे जमीन उसके नाम पर लिख दो अन्यथा हत्या कर देंगे। इसकी जानकारी वादी मुकदमा को थी। त्रिवेणी को गांव के लोग प्रमुख कहकर बुलाते थे। 29 अप्रैल 2008 को शाम सात बजे आरोपी त्रिवेेणी उर्फ प्रमुुख की हत्या कर शव को तालाब के किनारे फेंक दिया गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 201 भादंसं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। मुकदमे के दौरान एक आरोपी पूर्व प्रधान रामजग की मौत हो गई थी। अभियोजन की तरफ से पूर्व शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आशुतोष अग्रवाल ने सभी गवाहों को प्रस्तुत कराया। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने श्यामजग पुत्र लौधर, उसके भतीजे संतलाल हत्या के जुर्म में दोषसिद्घ पाते हुए कठोर आजीवन कारावास के साथ ही दोनों पर 17-17 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।