मिर्जापुर। जिले भर में आसमान में बादलों के मंडराने व तेज धूल भरी आंधी चलने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई पड़ने लगी हैं। मार्च के अंतिम पखवारे में अचानक आई मौसम के पविर्तन ने लोगों को डरा दिया। शाम छह बजे के लगभग बादलों के साथ साथ तेज गर्जना भी वर्षा का आह्वान कर रही थी, देखते ही देखते वर्षा भी शुरू हो गई। वर्षा होने से कसिानों की धड़कनें तेज होने लगीं, उन्हें काट कर खलिहान में रखे गए फसलों को नुकसान होने का डर सताने लगा। बुधवार सुबह से ही मौसम का मिजाज कुछ बदला बदला सा दिख रहा था, जो शाम होते होते एक दम से बदल गया। आसमान में घने बादल छा गए, उसके साथ तेज हवाओं के साथ वर्षा भी होने लगी। वहीं बीच बीच में बादल गरज कर लोगों को डराते रहे। शहरों में जहां छत पर सूखने के लिए डाले गए कपड़े लोग समेटने लगे, वहीं गांवों में किसानों को अपनी फसलों की चिंता सताने लगी। किसान आनन फानन में फसलों को ढंकने का प्रबंध करने लगे। चेतगंज संवाददाता के अनुसार वर्षा किसानों के चेहरे पर शिकन देखने को मिल रहा था, वर्षा से सरसों, अरहर, चना, तीसी आदि फसलों को नुकसान हुआ है। चुनार संवाददाता के अनुसार सरसों, चना, अरहर के अलावा गेहूं की फसल को अधिक नुकसान हुआ है। फसलें खेतों में पक कर तैयार हैं, बस कटाई बाकी रह गया है। किसानों की माने तो अगर वर्षा ज्यादा हुई तो उनके खून पसीने से सींची गई फसल बर्बाद हो जाएगी।