मिर्जापुुर। जिले में ठंड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मनुष्य से लेकर पशु पक्षी भी ठंड की चपेट में आ जा रहे हैं। सुबह और शाम गलन से लोग बेहाल हैं। दोपहर में तेज धूप से लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन शाम होते ही लोग फिर कांपने लगे। ठंड से बचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। रेलवे स्टेशन, रोडवेज, मंडलीय अस्पताल पर यात्रियों के लिए ठंड से बचाव का बंदोबस्त नाकाफी है। घंटाघर, तेलियागंज एवं पेहटी का चौराहा पर सुबह राजगीर व पीतल बर्तन बनाने वाले मजदूरों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके बावजूद अलाव की व्यवस्था नदारद है।
मंगलवार सुबह से ही तेज हवा चलने से गलन बढ़ गई है। ठंड के मद्देनजर जिलाधिकारी द्वारा विद्यालयों के समय में बदलाव कर दिया गया है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी राहत है। नगर के बाजारों में गर्म वस्त्रों की मांग बढ़ गई है। बाजार में शाल, स्वेटर, टोपी, मफ्लर, जैकेट एंव इनर खरीदने वालो की भीड़ उमड़ी हुई है। इसके अलावा इलेक्ट्रनिक्स की दूकानों से भी लोग हीटर, रूम हीटर, ब्लोअर आदि की खरीदारी करके ठंड से बचने का प्रयत्न कर रहे हैं। वहीं पानी गर्म कर नहाने के लिए इमर्सन राड की भी मांग बढ़ गई है। ठंड के कारण शाम ढलते ही लोग घरों में दुबक जा रहे हैं। सरकारी कर्मचारी भी आफिस देर से पहुंच रहे हैं। ठंड व गलन के बावजूद गांव से राजगीर व पीतल बर्तन का काम करने वाले मजदूर दो वक्त की रोटी के लिए जान जोखिम में डाल कर शहर में आते हैं। नगर पालिका की ओर से मजदूरों के लिए अलाव की पर्याप्त व्यवस्था नही की गई है।