सीखड़। ब्लॉक सभागार में बुधवार को हंगामे के बीच क्षेत्र पंचायत की बैठक हुई। सदस्यों ने खंड विकास अधिकारी से पूछा कि आखिर सदस्यों के अधिकार क्या हैं। तभी धनैता की बीडीसी सुधा देवी कहा कि प्रधानों पर प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर दस हजार से बीस हजार रुपये वसूलने का आरोप लगा था। इसके बाद प्रधान व सदस्यों में हंगामा करने लगे।
बीडीओ घनश्याम प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2017-18 में कुल 36 लाख 29 हजार 372 रुपये का काम कराया गया है जबकि 70 लाख का प्रस्ताव सदस्यों ने दिया है। प्रमुख ममता सोनकर ने सदस्यों से प्रस्ताव बना कर देने का अनुरोध करते हुए कहा कि 16 लाख रुपये का बजट प्राप्त हुआ था। इससे सभी की मांग पूरी नहीं की जा सकती है। सदस्य सत्य प्रकाश सुमन ने बसारतपुर गांव में नाली निर्माण को बनवाने की मांग किया। सदस्य विपुल पांडेय ने कहा कि ईश्वरपट्टी गांव में नाली जाम है जिसको बनवाया जाए। सदस्यों ने कहा कि अगर हमारी बातें नही सुनी जाएगी तो त्याग पत्र देंगे। खंड बेसिक शिक्षा अधिकारी महेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि विद्यालय की कमियों को जल्द से जल्द दूर कराया जाएगा। सदस्यों ने कहा कि जब हमसे कोई मतलब ही नही है तो हमारी जरूरत ही क्या है। शौचालयों की कमी होने के बावजूद सीखड़ विकास खंड को खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया गया, जिसके चलते सीखड़ ब्लॉक का विकास ही रुक गया है जबकि आज भी गांव में काफी संख्या में लोगों के घरों में शौचालय नही बन पाए हैं। जिला पंचायत सदस्य तपेश यादव, एडीओ पंचायत राम सागर, सियाराम यादव, एडीओ कृषि अजय सोनकर, बिजेंदर सिंह, रूपेश सिंह, जय प्रकाश दुबे, संतोष सिंह, धीरज त्रिपाठी, आलोक उपाध्याय, ओमकार पांडेय, रामलखन, दिनेश चौबे, धनंजय मिश्रा आदि मौजूद रहे।