मिर्जापुर। दीपावली पर जलने वाले दीयों से बरसाती कीट को काफी हद तक समाप्त हो गए हैं लेकिन मच्छरों से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। शहर भर में पसरी गंदगी और बरसाती पानी के जलभराव के चलते उनकी संख्या कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। मच्छर अपने संग लोगों कीं नींद उड़ा रहे हैं लेकिन नगर पालिका परिषद के अफसर सो रहे हैं।
शहर में इन दिनों मच्छरों की भरमार हो गई है। उमस भरा मौसम होने के कारण लोग कुछ ओढ़कर सो भी नहीं सकते। मच्छरदानी लगाने में भी दिक्कत हो रही है। मच्छरों के चलते लोग नींद पूरी नहीं कर पा रहे हैं और ऊपर से मलेरिया जैसी बीमारियों का भी भय सता रहा है। लोग मलेरिया के शिकार भी हो रहे हैं। मगर नगर पालिका परिषद मिर्जापुर द्वारा मच्छरों से निजात के लिए आज तक कोई कारगर कदम नही उठाया गया है। नगर पालिका परिषद द्वारा पीएसी परिसर, पुलिस क्लब, पुलिस लाइन, डीएम आवास क्षेत्र, राजा विजयपुर कोठी, फतहा, गोसाई तालाब, विंध्याचल आदि में फागिंग कराने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। नगर के 38 वार्डो में से एकाध वार्डो को छोड़कर किसी भी वार्ड में फागिंग नही कराया गया है। फागिंग के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। मच्छरों पर काबू पाने के लिए लगातार फागिंग की जरूरत होती है लेकिन यहां तो हर वार्ड में एक बार फागिंग की नौबत नहीं आई है। जोनल प्रभारी दिनेश शर्मा ने बताया कि नगर के कई वार्डों में मच्छरों से बचाव के लिए फागिंग कराई गई है। मशीन उपलब्ध होते ही अन्य वार्डों में भी फागिंग कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि फागिंग के दौरान एक बार में लगभग पांच लीटर डीजल, पेट्रोल व मैलाथियान टेक्निकल को मिलाकर छिड़काव कराया जाता है।
वर्जन
नगर में मच्छरों से बचाव के लिए फागिंग कराने का निर्देश जोनल प्रभारी को दिया गया है। नगर में वार्डवार फागिंग कराई जा रही है।- वीरेंद्र श्रीवास्तव, अधिशासी अधिकारी।