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बैंकों की हड़ताल से दो सौ करोड़ का नकद लेन- देन प्रभावित

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मिर्जापुर। दो दिवसीय अखिल भारतीय बैंकों की हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को भी बैंकों में ताले लटकते रहे। जिले में 150 बैंक शाखाएं बंद रहीं। बैंक कर्मियों ने अपने बैंकों के सामने केंद्र सरकार पर कर्मचारी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और नारेेबाजी की। दो दिन के बैंक हड़ताल से जिले का लगभग 150 करोड़ रुपये क्लियरिंग चेक प्रभावित हुआ और दो सौ करोड़ का नकद लेनदेन प्रभावित हुआ। डंकीनगंज स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा पर उत्तर प्रदेश बैंक इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले बैंककर्मी एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सभा में संघ के जिला मंत्री सुरेश पांडेय ने कहा कि सरकार बैंकों का विलय कर कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाना चाहती है। बैंक कर्मियों की जायज मांग को सरकार नजरअंदाज कर रही है। स्टाफ की कमी के चलते कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं को सरकार इन्हीं बैंकों के जरिए लागू कराती है लेकिन वह इन्हीं बैंक कर्मियों के वेतनमान के साथ दो वर्षों से पेंडिंग में रखे है। उन्होंने कहा कि संगठन सरकार से मांग करता है कि श्रम संशोधन नीति परिवर्तन को बंद की जाए। अन्य वक्ताओं ने कहा कि पहले सरकार की योजना चार हजार की आबादी पर एक बैक शाखा को खोलने की थी लेकिन वह आज बैंकों का विलय व बंदी कर क्या संदेश देना चाहती है। सरकार की कथनी व करनी से स्पष्ट है कि वह देश की आम जनता को धोखा दे रही है। बैंक कर्मचारियों ने कहा कि उनकी हड़ताल से आम ग्राहक को जो असुविधा हुई है उसके लिए वह खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी हड़ताल नहीं करना चाहते लेकिन सरकार उनको विवश करती है कि वह हड़ताल करें। इस अवसर पर शशि शेखर पांडेय, गिरिजा शंकर सिंह, ब्रह्म सिंह, जगदीश उपाध्याय, प्रभुनारायण, अखिलेश कुमार, धनंजय राय, अभिषेक सिंह परिहार, विष्णु केसरवानी, बदरूद्दीन, रामजी, गोपाल दास, विजय कुमार, लक्ष्मीनारायण, रामनारायण, घुटुर प्रसाद आदि थे।
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