राजगढ़। स्थानीय विकास खंड के धनावल गांव में मनरेगा का कार्य श्रमिकों के बजाए जेसीबी से कराए जाने की सूचना पर उपजिलाधिकारी ने न सिर्फ ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए बल्कि मौके पर बीडीओ को भेजकर काम बंद कराए जाने का निर्देश दिया। मिली शिकायत पर मामला केवल दूरभाष तक ही सिमटकर रह गया है। इसे लेकर ग्रामीणों मे रोष व्याप्त है।
धनावल के राजस्व गांव गरेरी में शनिवार की रात में 1300 मीटर सड़क का निर्माण मनरेगा के तहत कराया जाना था। ग्राम प्रधान यह कार्य श्रमिकों से कराने के बजाए जेसीबी से कराया जा रहा था। जिसकी सूचना स्थानीय ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को दूरभाष पर दी। मिली सूचना पर गंभीरता दिखाते हुए एसडीएम ने तत्काल खंड विकास अधिकारी राजगढ़ को मौके पर पहुंचकर काम बंद कराने का निर्देश दिया था। मामला रात को होने के कारण बीडीओ मौके पर जाने के बजाए दूरभाष पर संपर्क साधकर काम बंद कराया। आश्चर्य इस बात का है कि जहां एक तरफ जहां पर केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए गांव-गांव मनरेगा का कार्यक्रम चलाया जा रहा है, वहीं पर दूसरी तरफ इसको धता बताते हुए गांव के प्रधानों द्वारा अपने निजी स्वार्थ के लिए मशीनों का धड़ल्ले से प्रयोग कर मजदूरों का हक छीना जा रहा है।
सेक्टर एडीओ को मौके पर भेजकर मामले की जांच कराई जा रही है। जांच आख्या आने के बाद संबंधित ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को भेजा जाएगा।- रामचंद्र, खंड विकास अधिकारी राजगढ़।