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सुरक्षित 667 बीघा जमीनो पर बाबाओं का कब्जा

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मड़िहान। स्थानीय तहसील क्षेत्र के कलवारी माफी स्थित गुरुदेवनगर में बाबाओं के कब्जे वाली 667 बीघा चारागाह की सुरक्षित जमीन की जांच शासन के आदेश पर मड़िहान तहसीलदार सुनील कुमार कर रहे हैं। सोमवार को तहसीलदार ने मौका मुआयना के बाद मठ गड़वाघाट के सहायक मलिकार सत्यज्ञानानंद को रिकार्ड पेश करने एवं सफाई के लिए तलब किया। तहसीलदार ने बताया कि चारागाह एवं वन विभाग की जमीन पर बाबाओं का अनाधिकृत कब्जा है।
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जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि तहसील के रिकार्ड जिल्द बंदोबस्त में सरकार की सुरक्षित जमीन है। किंतु खतौनी में मठ गढ़वा घाट के नाम से अंकित है। किसके आदेश पर बाबा लोगों का नाम खतौनी रिकार्ड में इंद्राज हुआ, जांच के बाद ही पता चल सकेगा। इसके लिए रिकार्ड खंगाला जा रहा है। इसकी रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपी जाएगी। तहसील रिकार्ड रूम के अभिलेखों में 667 बीघा चारागाह की जमीन सुरक्षित है जबकि खतौनी में श्रेणी एक कि जमीन मठ गढ़वाघाट के नाम दर्ज है। तहसीलदार ने बताया कि सुरक्षित जमीन किसी के नाम स्थानांतरण नहीं की जा सकती। यह कैसे हो गया। मामला संदेह के घेरे में है। जांच के बाद ही सत्यता निकल कर सामने आ पाएगी। मठ गढ़वा घाट आश्रम के सहायक मलिकार सत्यज्ञानानंद ने बताया कि यह जांच कोई पहली बार नहीं हो रही। इसके पूर्व में दर्जनों बार जांच हो चुकी है। बताया कि चकबंदी के दौरान कुछ नंबरान छूट गए थे। अपील के दौरान चकबंदी सीओ न्यायालय के आदेश पर सभी खातों की जमीन खाता नंबर पांच सौ में निहित कर दिया गया है। इस संबंध मेें तहसीलदार मड़िहान सुनील कुमार ने बताया कि चारागाह एवं वन विभाग की जमीन पर बाबा लोगों का अनाधिकृत रूप से कब्जा है। इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद जमीन से कब्जा हटवाया जाएगा।
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सुरक्षित 667 बीघा जमीन पर बाबाओं का कब्जा
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