मिर्जापुर। हलिया थाना क्षेत्र के बबुरा रघुनाथ सिंह के पास जंगल में 17 अक्तूबर की रात हुई सनसनीखेज हिम्म्म कोल हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने शुक्रवार को किया। हत्याकांड को अंजाम उसके ही दो साथियों ने रेंजर भास्कर पांडेय समेत तीन वन कर्मियों को फंसाने के लिए दिया था। क्राइम ब्रांच एवं हलिया पुलिस की संयुक्त टीम ने मुख्य आरोपी को हलिया के दर्जुनीपुर मोड़ से गुुरुवार की शाम पौने छह बजे गिरफ्तार करते हुए उसके पास से हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए तमंचे को बरामद कर लिया है। आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार आरोपी को जेल भेज दिया है। ये जानकारी पुलिस अधीक्षक शालिनी ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में पत्रकारों को दी।
उन्होंने बताया कि हलिया थाना क्षेत्र के पवारी कला गांव निवासी अदालत प्रसाद कोल, बबुरारघुना सिंह गांव निवासी हिम्मत कोल व धर्मराज कोल वन रेंजर भास्कर पांडेय, वन दारोगा रामसुरेश समेत तीन कर्मियों द्वारा जंगल की जमीन से उन्हें बेदखल करते हुए उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने से नाराज थे। वह रेंजर से किसी भी दशा में बदला लेना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने हिम्मत कोल की हत्या कर रेंजर को फंसाने की साजिश रची। 17 अक्तूबर को अदालत कोल ने हिम्मत कोल को फोन कर रामलीला देखने के बहाने बबुरा रघुनाथ सिंह गांव के जंगल में बुलाया। जहां अदालत ने तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद खुद अपने लोगों से रेंजर द्वारा हत्या करने की अफवाह उड़वा दी। जानकारी होने पर सीओ लालगंज रमांकात सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी रामस्वरूप वर्मा और हलिया थानाध्यक्ष विश्वज्योति राय के नेतृत्व में दो टीमें गठित हत्याकांड का खुलासा करने का निर्देश दिया। गुरुवार की शाम पौने छह बजे सूचना मिली कि मुख्य आरोपी अदालत कोल हलिया के दुर्जनीपुर मोड़ पर खड़ा होकर किसी सवारी गाड़ी का इंतजार कर रहा है। मौके पर पहुंची टीम ने अदालत को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि इस खुलासे के लिए डीआईजी पीयूष श्रीवास्तव की ओर से टीम को दस हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह, अजीत श्रीवास्तव, भूपेंद्र सिंह, जेपी सिंह, अशरफ अली, बृजेश सिंह, भूपेंद्र यादव, आशुतोष सिंह आदि शामिल रहे।