राजगढ़। जिलाधिकारी के कड़े रुख के बाद राजगढ़ के शौचालय निर्माण में तेजी तो आई है लेकिन स्वच्छता अभियान में फिसड्डी रहने पर पतेरी के ग्राम प्रधान के खिलाफ त्रिस्तरीय कमेटी गठित करने एवं सेक्रेटरी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। इससे प्रधानों मं हड़कंप मचा हुआ है।
बता दें कि विकास खंड राजगढ़ के 83 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत अभियान के तहत 16 हजार 794 शौचालयों का निर्माण कराया जाना था। अभी तक 14 हजार 674 शौचालय बन सके हैं। इसकी जानकारी होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश डीपीआरओ को दिया। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने स्वच्छता अभियान में फिसड्डी रहने पर पतेरी के ग्राम प्रधान कल्लू के वित्तीय अधिकार सीज करते हुए, पतेरी के ग्राम विकास अधिकारी कृष्ण लाल को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत पतेरी में त्रिस्तरीय कमेटी का गठन कर रिपोर्ट भेजी जानी है। इस कार्रवाई को लेकर ग्राम प्रधानों में हड़कंप मचा हुआ है। सहायक पंचायत विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में शौचालय अधूरे हैं। अगर जल्द से जल्द ग्राम विकास अधिकारी और प्रधान शौचालय का निर्माण नहीं कराते हैं, तो उनके भी खिलाए कार्रवाई होनी तय है। उन्होंने बताया कि धूरकर में 108, बिशुनपुर में 60, धौरहा में 53, लूसा में 22, दरबान में 36, कुंदरूफ में 54, विशुनपुरा में 164, खुटहां में 70 शौचालयों का निर्माण अभी तक नहीं कराया गया है। जिस पर जिलाधिकारी के पतेरी ग्राम पर कार्रवाई से अन्य ग्रामों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। कार्रवाई के भय से सभी ग्राम प्रधानों में स्वच्छता एवं शौचालय के निर्माण में सक्रियता देखी जा रही है।