स्थानीय नक्सल प्रभावित क्षेत्र शेरवां, जाफरखानी, नंदपुर, लोहराजपुर आदि गांवों में पेयजल की किल्लत है। इसके चलते इन गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।
हैंडपंपों का जलस्तर काफी नीचे चले जाने से पेयजल समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने कई बार जिला प्रशासन से शिकायत की लेकिन पेयजल की किल्लत की समस्याओं से निजात नहीं मिल पा रहा है। शेरवां इलाकेे के आधा दर्जन गांव पहाड़ से सटा होने के कारण हैंडपंपों ने पानी देना छोड़ दिया है गांवों में लगे कई हैंडपंपों से पानी रुक-रुक कर आ रहे है। भीषण गर्मी को चलते पानी के लिये लोगो में त्राहि त्राहि मची हुई हैं। लोग पानी के लिये दर दर भटक रहे हैं। किसी तरह से अपनी प्यास को बुझा रहे है, लेकिन मवेशियों के लिये सबसे ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़रहा है। इतना ही नहीं कुए तालाब सूख गए हैं, जिससे मवेशियों को पीने के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। मवेशियों को पिलाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। ग्राम प्रधान ओंकार यादव, रेनू सिंह ने पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है।