इमामबाड़े के बाहर नमाज अदा करते मुस्लिम बंधु
मिर्जापुर। रमजान माह के अंतिम शुक्रवार को जिले के मस्जिदों, ईदगाहों में अलविदा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। नमाजियों की सहूलियत के लिए रूट डायवर्ट किया गया था। मस्जिद की ओर जाने वाली सड़कों पर नमाज के वक्त दोपहिया वाहनों को प्रतिबंधित किया गया था। इसके अलावा कड़ी सुरक्षा रही।
नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मस्जिदों में दोपहर की नमाज अदा करने के लिए समूहों में मुस्लिम बंधु पहुंचे। भीड़ को देखते हुए बहुत से लोगों ने पहले ही मस्जिद पहुंचकर अपनी जगह ले ली थी। नमाज अदा करने पहुंचे लोगों की भीड़ से मस्जिद परिसर पटे हुए थे। इसकी वजह से बड़ी तादात में लोगों ने सड़कों या गलियों में बैठकर नमाज अदा दी। धूप को देखते हुए मस्जिद के आसपास जगह-जगह टेंट लगाए गए थे। नगर के रामबाग, वासलीगंज, तरकारपुर, आर्य कन्या रोड, लालडिग्गी स्थित मस्जिदों के अलावा इमामबाड़ा स्थित ईदगाह में अलविदा की नमाज अदा की गई। सबसे अधिक भीड़ ईदगाह में थी। अलविदा के नमाज के दौरान सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। मस्जिदों और ईदगाहों की ओर जाने वाले मार्गों को सील कर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इन मागों पर दोपहिया वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया गया था। लोग पैदल जा रहे थे। शास्त्री सेतु से नीचे उतरते ही नगर की ओर आने वाले मार्ग को सील कर दिया गया था। लालडिग्गी की तरफ से इमामबाड़ा पहुंचने वाले मोड़, वासलीगंज, रामबाग की सड़कों पर नमाज के दौरान वाहनों का संचालन बंद था। इन स्थानों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। नमाज समाप्त होते ही जगह-जगह सड़कें लोगों से भर गई जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
अलविदा की नमाज के दौरान रूट डायवर्ट होने के कारण नगर के विभिन्न स्थानों पर जाम लगा रहा। शास्त्री सेतु की ओर से आने वाले ज्यादातर दो पहिया और चार पहिया वाहन पुतलीघर के बगल से शबरी चौराहा मार्ग से प्रवेश कर रहे थे। शबरी चौराहे पर चारों तरफ से वाहनों की लंबी कतारें लग गई जिससे जाम लगा रहा। इस दौरान तल्ख धूप में लोगों को घंटों परेशान रहना पड़ा। दोपहिया बाइक सवार किसी तरह से गलियों की राह पकड़ अपने गंतव्य की ओर निकल रहे थे लेकिन चारपहिया वाहन वालों को काफी दिक्कत हुई।