मिर्जापुर। सत्रह हजार रुपये मानदेय की मांग को लेकर को लेकर लखनऊ में धरना प्रदर्शन कर रहे अनुदेशकों पर लाठीचार्ज के विरोध में अनुदेशकों ने गुरुवार को काली पट्टी बांध कर विरोध जताया। अनुदेशकों ने कहा कि सरकार अनुदेशकों का अधिकार छीन रही है। चेतावनी दी कि वे मानदेय वृद्धि की मांग लेकर आंदोलन तेज करेंगे।
उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की बरियाघाट में बैठक में जिला कोषाध्यक्ष अर्पित श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लखनऊ में अनुदेशकों पर लाठी चार्ज की कड़ी निंदा की गई। उन्होंने कहा कि सरकार डंडे के बल पर अनुदेशकों का अधिकार छीनना चाहती है। मांग पूरी नहीं हुई तो अनुदेशक पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन करेंगेे। जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार दुबे ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के बजट में केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट एप्रूवल की बैठक में अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार करने के लिए पहली किश्त जारी कर दी थी लेकिन महज 8470 रुपये ही दिया जा रहे हैं। प्रदेश सरकार वर्ष 2018- 19 के बजट और 51वीं वार्षिक कार्य योजना के लिए 9800 रुपए का प्रस्ताव बनाकर भेज रही है। सर्वेश सिंह ने कहा कि अनुदेशकों का स्वत: नवीनीकरण किया जाए। बैठक में भानु, विजय, अनुराग, नीरज, जय शंकर, राजीव, दीपक, रामध्यान, राम सिंह, शेषमणि, संजीव, अश्वनी, विनय, अवधेश मौजूद रहे।
पहाड़ी में श्यामसुंदर, कोन में भानु प्रताप, मझवां में धर्मजीत, छानबे में विनय यादव, राजगढ़ में रामध्यान, नरायनपुर में आराधना, सिटी में अल्का, मड़िहान में राम सिंह, सीखड़ में वेद प्रकाश, जमालपुर में सुशील यादव, हलिया में विकेश पुंज, लालगंज में पवन दुबे की अध्यक्षता में काली पट्टी बांधकर अनुदेशकों ने लाठी चार्ज का विरोध जताया।