मिर्जापुर। चुनार का ऐतिहासिक के रखरखाव न होने और पर्यटकों के लिए सुविधाएं नहीं होने से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। ऐसे में चुनार पुल के चालू होने के बाद चुनार किले को देखने के लिए पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
चुनार क्षेत्र में उत्तरमुखी गंगा का अपना महत्व है। यदि नगर के किनारे पर यह दुर्ग नहीं होता तो चुनार की विश्वस्तरीय पहचान नहीं होती। चुनार के लिए सीधा रास्ता नहीं होने के कारण यहां अपेक्षित पर्यटक नहीं आते हैं। चुनार पुल का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। इस पुल के चालू होने से वाराणसी से चुनार के लिए सीधा रास्ता हो जाएगा। जुलाई से दो पहिया वाहनों के लिए चुनार पुल को खोलने की कवायद चल रही है। चुनार पुल से आवागमन शुरू होने से वाराणसी सहित अन्य क्षेत्रों के लोगों का आवागमन बढ़ेगा। इससे बड़े पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होने में सफलता मिलेगी। वहीं वाराणसी से चुनार के रास्ते आवागमन भी बढ़ेगा। इससे स्थानीय चीनी मिट्टी के खिलौनों और बर्तनों के उद्योग के दोबारा उठने के अवसर मिल सकेंगे। उद्योग धंधों के विकसित होने से स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।