मिर्जापुर। समायोजन रद्द होने से क्षुब्ध शिक्षामित्रों का आंदोलन शुक्रवार को उग्र हो गया। उन्होंने तीसरे दिन पहले तहसील चौराहा जाम किया और उसके बाद भरुहना स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग सात को जाम कर दिया। वाराणसी से कन्याकुमारी को जोड़ने वाले इस मार्ग के जाम होने से आवागमन बुरी तरफ से प्रभावित हो गया। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। भाजपा पदाधिकारी और शिक्षक संघ के पदाधिकारी भी उनके आंदोलन में शामिल हुए।
भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने कहा कि सरकार समायोजित अध्यापकों के हित में रास्ता निकालनेे के लिए विचार कर रही है। मानवीय दृष्टिकोण से समायोजित शिक्षकों के साथ सरकार खड़ी है। व्यक्तिगत तौर पर वे शिक्षामित्रों की समस्या को पार्टी और सरकार में रख रहे हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पहाड़ी ब्लॉक अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि शिक्षक समुदाय शिक्षामित्रों के साथ खड़ा है। आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में शिक्षामित्रों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अजयधर दूबे ने कहा कि निर्णय में शिक्षामित्रों के हितों की अनदेखी की गई है। सरकार चाहे तो समायोजन के पहले की स्थिति में शिक्षामित्रों की सेवा जारी रख सकती है। सरकार संसद में शिक्षा नियमावली में संशोधन करते हुए राहत प्रदान करें। विनोद सरोज ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के हित में तत्काल कदम उठाए जिससे उनका भविष्य अंधकारमय नहीं हो। कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन के दौरान सिटी कोतवाल वैभव सिंह मय फोर्स तैनात रहे। धरना प्रदर्शन के दौरान सुनील पटेल, आदि शंकर दूबे, अजय साहनी, डीडी त्रिपाठी, प्रमेंद्र, दिनेश सिंह, डाक्टर भारती, संदीप शर्मा, राजमंगल तिवारी, रामदेव, दिनेश सिंह, विनय सिंह, माला ङ्क्षसह, गीता, अनीता, साधना, श्वेता, राजेश, रामानुज, ब्रहमदेव, संदीप शर्मा, राजेश, अशोक यादव, राज सिंह, अकरम आदि मौजूद रहे।