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अस्पताल में मिली गंदगी पर आयुक्त ने जताई नाराजगी

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मिर्जापुर। डाक्टर जेनरिक दवाओं को नहीं लिखते, दवा का साल्ट न लिखकर ब्रांड लिखते हैं, इससे मरीज दवा खरीदने के लिए अस्पताल के बाहर के मेडिकल स्टोर पर जाते हैं। मंडलीय अस्पताल का यह सच आयुक्त विंध्याचल मंडल आनन्द कुमार सिंह के सामने गुरुवार को आया जब वह मंडलीय अस्पताल के निरीक्षण के लिए पहुंचे। इसपर उन्होंने शासन की मंशा अनुरूप दवा का साल्ट लिखने का निर्देश डॉक्टरों को दिया।
आयुक्त विंध्याचल मंडल आनन्द कुमार सिंह ने गुरुवार की दोपहर के समय अपर आयुक्त प्रशासन सूर्यमणि लालचन्द व सीडीओ प्रियंका निरंजन के साथ मंडलीय अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल की इमरजेंसी, दवा स्टोर, मरीज भर्ती वार्ड, ओपीडी आदि के निरीक्षण के दौरान कई स्थानों जमीन पर कूड़ा और शौचालय में गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने प्रभारी एसआईसी को एक सप्ताह के अंदर अस्पताल की सफाई कराने का निर्देश दिया। दोबारा निरीक्षण में गंदगी पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
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निरीक्षण करने पहुंचे आयुक्त सबसे पहले जन औषधि केंद्र पर पहुंचे। पूछा दवाएं कम क्यों हैं और मरीज दुकान पर नहीं दिख रहे। इसपर दुकानदार ने बताया कि डाक्टर जेनरिक दवाओं को नहीं लिखते हैं। बताया कि दवा का साल्ट न लिखकर डाक्टर दवाओं का ब्रांड लिखते हैं। इस कारण मरीज दवा बाहर से लेते हैं। आयुक्त ने डाक्टरों से शासन की मंशानु रूप दवा का साल्ट लिखने का निर्देश दिया। इसके बाद इमरजेंसी कक्ष, फार्मासिस्ट कक्ष, प्लास्टर कक्ष, ओपीडी, फिजियोथिरेपी कक्ष आदि का निरीक्षण किया। फिजियोथिरेपी कक्ष में मरीज के न होने के बारे में जानकारी लिया। लोगों को उसकी जानकारी दिए जाने के बारे में कहा। प्लास्टर कक्ष में गंदगी व मलेरिया यूनिट के पूराने कार्यालय के रास्ते पर कूड़े का ढेर पड़ा देखकर नाराजगी जताई। कहाकि डस्टबिन रखा जाए और सफाई कराई जाए। आयुक्त ने कहा कि खाली स्थानों पर सफाई कराकर दूसरी सुविधाओं का काम लिया जाए। आयुक्त ने दिव्यांग जन प्रमाण पत्र बनाए जाने वाले कक्ष के बाद केन्द्रीय औषधि भण्डारण कक्ष का भी निरीक्षण किया। जहां पर बेतरतीब ढंग से इवाइयों को रखा गया था। इस दौरान स्टोर लिपिक ने यह पूछे जाने पर कि कौन सी दवा कहां रखी गई है, नहीं बता सका। मार्च 2018 की दवाओं का वितरण न होने पर नाराजगी जताई। कहा पहले इन दवाओं का वितरण किया जाए। चिकित्सकों की उपस्थिति रजिस्टर का निरीक्षण किया गया। इसमें डा. नन्द लाल, डा. सन्दीप कुमार अवकाश पर बताए गए। डा. एसके खेमानी को आपरेशन थियेटर में होना बताया गया।
इस दौरान आयुक्त ने सर्जिकल एवं आर्थो वार्ड का निरीक्षण किया। वार्ड की अधिंकाश खिड़कियों के शीशे टूटे मिले। रखे गए कूलरों में पानी नहीं भरा गया था। कई कूलर बंद पाए गए। इस कारण मरीजों को भीषण गर्मी झेलनी पड़ रही थी। आयुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कूलरों को ठीक करा प्रतिदिन पानी भरने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान लिफ्ट बन्द पाया गया। बताया गया कि लिफ्ट आपरेटर नहीं है। मेडिकल वार्ड में कोई कूलर नहीं पाया गया। एसआईसी कक्ष का पंखा खराब पाया गया।
इस दौरान निरीक्षण के दौरान लोगों ने वाटर कूलर में से ठंडा पानी न आने की शिकायत किया। आयुक्त ने वाटर कूलरों का निरीक्षण किया। इसमें सर्जिकल वार्ड के बाहर लगा वाटर कूलर सही पाया गया। नीचे के दो वाटर कूलर बंद पाए गए। अस्पताल में आठ वाटर कूलर लगे है। आयुक्त ने खराब वाटर कूलर को सही कराने का निर्देश दिया।
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इस दौरान मंडलीय अस्पताल के बगल में स्थित 150 बेड का अस्पताल अभी तक हैंडओवर नहीं होने की जानकारी होने पर उन्होंने प्रभारी एसआईसी से जानकारी लिया। प्रभारी एसआईसी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि मामला शासन स्तर से अटका है। इस पर आयुक्त ने भवन के हैंडओवर न होने की जानकारी मांगी।
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