मिर्जापुर। कृषि विभाग जनपद के प्रत्येक विकास खंड के एक-एक गांव को मॉडल गांव का दर्जा प्रदानकर मृदा नमूनों को जोत के आधार पर जियो टैगिंग के साथ कार्य प्रारंभ कर दिया है। किसान भाई अपनी मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए समय-समय पर जारी मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार खेतों में उर्वरकों का प्रयोग करेंगे, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहे और उनकी आय में दोगुनी वृद्धि हो सके।
उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय शुक्रवार को विकास खंड सीटी के मॉडल गांव करनपुर में नमूना ग्रहण अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराते हुए उसकी उपयोगिता के बारे में समझाया। उप कृषि निदेशक ने कहा किसान भाई मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से अपनी खेतों में उचित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग कर सकते हैं जिससे पर्यावरण प्रदूषण, मिट्टी प्रदूषण एवं स्वास्थ्य खराब होने से बचाया जा सकता है। यह अभियान विकास खंड सिटी के चयनित मॉडल गांव करनपुर के अलावा विकास खंड कोन में पुरजागीर मवैया,मझवांमें महानंदपुर, पहाड़ी में सरैया करमघटा, छानबे में रामपुर, लालगंज में बस्तरा राजा, हलिया में औरा, मड़िहान में हिनौती राजा, राजगढ़ में रामपुर बरहो, नरायनपुर में कदवा एवं जमालपुर में हाजीपुर। गांव में चलाया गया। उक्त अवसर पर सहायक निदेशक महेंद्र सिंह ने नमूने कैसे लिए जाते हैं खेतो में पहुंचकर किसानों को बताया। इस मौके पर डॉ. सुधीर श्रीवास्तव व चंद्रशेखर शर्मा आदि मौजूद रहे।