मड़िहान। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निर्माणाधीन विद्यालय के भवन का पैसा गबन करने के आरोप में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी शिक्षक को निलंबित कर दिया। इससे अध्यापकों में हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि ग्रामीणों की मांग पर आबादी के अनुसार हौदहवां में पूर्व माध्यमिक विद्यालय भवन के लिए सन 2008 में पांच लाख, 35 हजार का बजट शासन से मिला था। ग्राम प्रधान व प्रभारी शिक्षक के हस्ताक्षर से बैंक खाते से पैसा भी निकल गया। निर्माण कार्य का समय पूरा होने पर शिक्षक अधिकारी की चाल पेंच से स्कूल भवन पूर्ण निर्मित होने की रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई। जबकि नींव तक नही खोदी गयी थी। समाचार पत्रों में घपलेबाजी का खुलासा हुआ तो शिक्षक पर अधिकारियों का दबाव बढ़ने लगा। बाद में निलंबित कर दिया गया, किंतु खेल खत्म नही हुआ। अध्यापक तत्काल नींव खुदाई के बाद गिट्टी बालू आदि मैटेरियल भी गिरवा दिया। काम पूरा कराने का आश्वासन देकर अध्यापक फिर बहाल हो गया। बड़ी कार्रवाई की तलवार लटकी तो ग्राम प्रधान व शिक्षक मिलकर छत स्तर तक निर्माण तो कर दिया। खंड शिक्षाधिकारी राम मिलन यादव ने बताया कि व्भवन का अधूरा नितर्माण के आरोप में शिक्षक को निलंबित किया गया है। जबकि सितंबर में निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाये जाने पर अध्यापक फिरोज अहमद को निलंबित द्विा गया है। विद्यालय भवन निर्माण के लिए शिक्षक व ग्राम प्रधान दोनों जिमेदार हैं। बड़ा सवाल यह है कि एक दशक से भवन निर्माण पूरा होने की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है, लेकिन विद्यालय में किसी अध्यापक की नियुक्ति आज तक नही की गई और न ही गांव के छात्रों को शिक्षा के लाभ मिल पाया है।