अहरौरा। नगर पालिका के सभासदों ने शुक्रवार की सुबह पालिका कार्यालय में हंगामा करते हुए लेखालिपिक को बंधक बना लिया। सभासदों का आरोप है कि लेखा लिपिक द्वारा जब भी लेखाजोखा का ब्यौरा मांगा जाता है तो उनके द्वारा दुर्व्यवहार किया जाता है। लेखा लिपिक द्वारा दो दिन में मांगी गई सूचना देने के आश्वासन सभासद पर शांत हुए। विगत छह वर्षों में नगर पालिका के उपयोग के लिए खरीदे गए वाहनों की जानकारी लेने गए सभासदों को जानकारी न मिलने पर वे आक्रोशित होकर कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए और लेखा लिपिक को बंधक बना लिया।
इस संबध मे नगर पालिका परिषद अहरौरा के सभासद फरजंद अली ने बताया की उन्होंने 25 सितंबर को एक पत्र अधिशासी अधिकारी की अनुपस्थिति में लेखा लिपिक को रिसीव कराया था, जिसमें 2012 से अब तक नगर पालिका में कौन-कौन सी गाड़ी क्रय की गई है, उसका व्यय विवरण क्या है, इसकी जानकारी मांगी गई थी, लेकिन वह नहीं उपलब्ध नही कराया गया, जिससे हम लोगों को धरने पर आज बैठना पड़ा। लेखा लिपिक के इस आश्वसन पर कि जानकारी, दो दीन मे उपलब्ध करा दी जायेगी पर सभासदों ने अपना धरना समाप्त किया। सभासदों का आरोप रहा कि इस समय नगर पालिका कार्यालय भगवान भरोसे चल रहा है, यहा नियुक्त अधिशासी अधिकारी विनय कुमार तिवारी के पास नगर पालिका परिषद मिर्जापुर का भी चार्ज होने के कारण वे वहीं पर व्यस्त हैं। यहां का चार्ज जेई सिविल सुशील निगम को दे रखा है, लेकिन वे पिछले एक सप्ताह से गायब है। वह कहां है ये बताने वाला कोई नही है। अधिशासी आधिकारी विनय कुमार तिवारी ने बताया कि कार्यवाहक जेई निगम के विषय मे हमारे पास भी कोई सूचना नहीं है कि वह कहां है। इस दौरान सभासद फरजंद अलि, शिबि बेगम, शकील अहमद, सिद्धार्थ सिंह, रामानंद, पूजा, कलेंद्र, विजय, चमेला देवी, बुद्धू, राम जियावन आदि रहे।