मिर्जापुर। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच के तत्वावधान में बुधवार को जिला मुख्यालय पर तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार व धरना-प्रदर्शन के पहले दिन मांगों को लेकर कर्मियों ने आवाज बुलंद की। मंच के सदर तहसील क्षेत्र के अध्यक्ष उमाकांत मिश्र ने सभा की अध्यक्षता की। प्रदेशव्यापी कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के तहत बुधवार को धरना-प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा के दौरान विभिन्न विभागों के कर्मचारियों व शिक्षकों ने हुंकार भरी।
जिला मुख्यालय पर आयोजित धरना एवं सभा में वक्ताओं ने सरकार की गलत नीतियों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बुढ़ापे का एकमात्र सहारा पुरानी पेंशन पर सहमति व्यक्त करने के बावजूद सरकार आने के बाद कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण ही आज आंदोलनात्मक स्थिति बनी हुई है। मंच के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने नौ अगस्त के धरने में उमड़ी भीड़ के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार हम सभी को दो भागों में बांटना चाहती है, लेकिन हम लोग ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि हम सभी लोग एकजुटता के साथ मांगें पूरी नहीं होने तक संघर्ष करते रहेंगे। मंच के संयोजक लल्लू तिवारी ने कहा कि नई पेंशन अच्छी है तो संसद भवन व विधान सभा में बैठे सम्मानित लोगों को भी इसी दायरे में लाना चाहिए। धरने के पहले दिन की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष उमाकांत मिश्र ने कहा कि सरकार को हमारी पीड़ा नहीं दिखाई दे रही है, जो दुखद है। अन्य वक्ताओं में राजपाल, इंद्र भूषण उपाध्याय, रामपाल, आशीष वर्मा, विजय शंकर त्रिपाठी, श्रीकांत पाठक, विनोद तिवारी, इजहार आदि ने अपने-अपने विचार व्यकत किए। इस दौरान रीतू गुप्ता, विभा सिंह, अमृता दूबे, सुमिता सिंह, आरती कटियार, उमा शुुक्ला, बेनू यादव, सपना मौर्या, कमलेश्वर दूबे, शिशुपाल, राजेंद्र यादव, प्रमोद दूबे, अनिल त्रिपाठी, प्रमोद गुप्त, सर्वेश मौर्य, अनुराग, धीरज किशोर, राजेश पांडेय, राजनाथ तिवारी, शान मोहम्मद, बैजनाथ, खुर्शीद, नीलकांत सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी व शिक्षकगण उपस्थित रहे।
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विभिन्न विभागों ने दिखाई एकजुटता
मिर्जापुर। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच के तत्वावधान में बुधवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन के पहले दिन जिले के विभिन्न विभागों के कर्मचारी व शिक्षकगण शामिल हुए। जिनमें प्रमुख रूप से सिंचाई विभाग सहित पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, ग्राम पंचायत, ग्राम विकास, ट्रेजरी, कलेक्ट्रेट, तहसील, आरटीओ, चकबंदी, ग्रामीण अभियंत्रण, चालक महासंघ, शिक्षा निदेशक, डीआईओएस, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ, विकास भवन, बेसिक शिक्षा, उद्योग विभाग, भूमि संरक्षण, लघु सिंचाई, जल निगम, रजिस्ट्री, बिक्री कर, मत्स्य, आईटीआई, राज्य कर्मचारी महासंघ, आपूर्ति, वन, मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन आदि विभागों के कर्मचारियों सहित शिक्षक उपस्थित रहे।