मिर्जापुर। जिले के पर्यटन स्थल के रूप में मशहूर विंढमफाल, टांडा फाल, लखनिया दरी में बारिश के मौसम में दुर्घटनाओं की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन ने झरनों एवं फाल में सैलानियों के नहाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन ने कहा कि लोगों के जान माल के सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। लोग पर्यटन स्थल पर खुशी मनाने जाते है लेकिन उनकी एक गलती से उनका सारा पिकनिक खुशी की बजाय गम में बदल जाता है। इसलिए लोगों को एक महीने तक सावधानी बरतनी चाहिए।
जिले के विंढमफाल, खड़ंजा, खजुरी बंधा, टांडाफाल, विजयपुर स्थित कुशियरा फाल, अहरौरा के लखनिया दरी, चुनार के शिवशंकरी धाम समेत आदि पर्यटन स्थलों पर बारिश के मौसम में हजारों सैलानी प्रतिदिन पिकनिक मनाने जाते हैं। वहां पर बाटी चोखा के साथ अन्य व्यंजन बनाकर खाते हैं। संगीत बजाकर डांस भी करते हैं। सबसे अधिक झरने एवं फाल में स्नान कर सैलानी आनंद उठाते हैं। पूरे दिन लोग मौज मस्ती करते रहते हैं। इस दौरान कभी कभी लोग फाल के दह में चले जाते हैं जिससे उनकी डूबकर मौत हो जाती है और उनकी खुशी गम में बदल जाती है। कभी कभी पर्यटन स्थल पर पानी बढ़ने के चलते सैंकड़ों सैलानी स्नान के दौरान पानी की तेज धारा की चपेट में आकर बह जाते हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस को घटना नियंत्रण करना मुश्किल हो जाता है। अभी तीन दिन पूर्व ही भदोही निवासी अख्तर की विंढमफाल में स्नान के दौरान दह में डूबकर मौत हो गई थी। इसको देखते हुए पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने पर्यटन स्थलों पर मौजूद झरने एवं फाल लोगों के नहाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। कहा कि लोगों के पर्यटन स्थलों पर जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है लेकिन वहां मौजूद झरने एवं फाल में लोगों के नहाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है ताकि किसी प्रकार की जान माल की क्षति नहीं हो। ्अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश स्वरूप पांडेय ने कहा कि जिले के पर्यटन स्थलों पर हो रही घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर वहां के फाल एवं झरने पर स्नान करने पर पाबंदी लगा दी गई है। ताकि किसी प्रकार का जान माल का नुकसान नहीं हो। सावन समाप्त होते ही यह प्रतिबंध हटा लिया जाएगा।
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पिछले साल खड़ंजा में बहे थे 50 लोग, पांच की हुई थी मौत
पिछले साल देहात कोतवाली के खड़ंजा में पहुंचे सैकड़ों सैलानियों में 50 सैलानी फाल में नहाते समय अचानक पानी बढ़ने से बह गए थे। इनमें पांच की मौत हो गई थी। जबकि बाकी लोगों को बचा लिया गया था। इसमें एक शहर कोतवाली क्षेत्र के रामबाग निवासी एक युवक था जबकि दूसरा भदोही निवासी उसका साथी था। वहीं तीन युवक भी जिले के ही थे।