मिर्जापुर। बाणसागर परियोजना को पूरा करने के लिए कैमूर और विंध्य पहाडिय़ों में 2.5 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई गई तब जाकर परियोजना पूरी हुई। साथ ही विश्व स्तर की पांच सौ मीटर एक्वाडक्ट पाइप डाली गई। परियोजना से मिर्जापुर और इलाहाबाद से एक लाख 70 हजार किसान होंगे लाभान्वित होंगे। 150132 हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई हो सकेगी। ये कहना है कि प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह का। वह शनिवार को नगर के एक होटल में पत्रकारों से मुखातिब थे। 3400 करोड़ की परियोजना का लोकार्पण रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
कहा कि सपा और बसपा सरकार के एजेंडे में किसान नहीं थे। दोनों सरकारों ने किसानों के हित में कोई काम नहीं किया। भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के लिए काम कर रही है। बाणसाबर परियोजना के अलावा सरयू नहर परियेाजना, बुंदेलखंड परियोजना समेत चार राष्ट्रीय स्तर की परियोजनाओं को 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा। कहा कि प्रदेश में विलुप्त हो रही आठ नदियों को पुर्नजिवित करने काो काम शुरू होगा। इसके लिए नदी संरक्षण सेल बनाया गया है। इसके अध्यक्ष आईएएस होंगे और चार सदस्य चीफ इंजीनियर स्तर के होंगे। मनरेगा और जन सहयोग से मैदानी इलाकों से निकलने वाली इन नदियों के संरक्षण का काम होगा। गोमती नदी, आरिल नदी, सोन नदी, तमसा, मनोरमा, वरुणा नदी और सत्ती नदी का संरक्षण किया जाएगा। कहा कि जल्द ही पंप कैनालों की सफाई होगी और ड्रोन कैमरे से निगरानी होगी। एक सवाल के जवाब में कहा कि जिले में कुछ लोगों द्वारा उपज से ज्यादा अनाज बेचने की शिकायत मिली है। इसमें मुकदमा दर्ज कर जांच चल रही है। सरकार ऐसे मामलों में रासुका के तहत कार्रवाई करने पर विचार कर रही है। कहा कि बुंदेलखंड और विंध्याचल में कृत्रिम बारिश कराने पर विचार चल रहा है। कानपुर आईआईटी ने ये तकनीक विकसित की है। अवश्यकतानुसार इस तकनीक का इस्तेमाल होगा।