भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ बुधवार को मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचे और माथा टेका। दोनों नेताओं ने दर्शन पूजन कर देश-प्रदेश की कुशलता की कामना के साथ ही देश में दोबारा सरकार बनाने का आशीर्वाद मांगा।
दोपहर 1.37 बजे पुराने वीआईपी रास्ते से एक वाहन पर सवार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष व सीएम की आगवानी नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने माल्यार्पण कर की। शाह व योगी सीधे होटल रत्नाकर के रास्ते न्यू वीआईपी मार्ग होते हुए विंध्यवासिनी मंदिर पहुंचे। माता के दरबार में पहुंच अमित शाह व सीएम योगी आदित्य नाथ एकटक माता विंध्यवासिनी को कुछ देर निहारा। यहां विधिवत दर्शन पूजन कर देश व प्रदेश की कुशलता की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने मंदिर की परिक्रमा भी की। परिक्रमा के दौरान अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी ने हवन कुंड में हवन भी किया। दर्शन-पूजन नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने कराया। इस अवसर पर डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल, पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, अपना दल एस विधायक राहुल प्रकाश कोल, नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल समेत अन्य मौजूद रहे।
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नौ बजे से ही रोक दिए गए श्रद्धालु
विंध्याचल। विंध्य धाम में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी के कार्यक्रम को देखते हुए मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर श्रद्धालुओं को जगह-जगह रोक दिया गया था। इससे दूरदराज से आए भक्त परेशान थे। कुछ तो वापस लौट गए। कुछ चिलचिलाती धूप में इधर-उधर भटक रहे थे।
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श्रद्धालुुओं को कराया दर्शन
विंध्याचल। शाह और योगी के आगमन के मद्देनजर दर्शन व पूजन से रोके गए सैकड़ों श्रद्धालुओं को श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पं. राजन पाठक व उनके सहयोगियों ने कतारबद्ध करते हुए मां विंध्यवासिनी का दर्शन कराया। हुआ यह कि निर्धारित समय पर दोनों नेता धाम पर नहीं आए। इधर दर्शन व पूजन से रोके जाने के कारण श्रद्धालु गलियों में इधर-उधर भटक रहे थे। तब अध्यक्ष पं. राजन पाठक ने डीएम व एसपी से वार्ता कर उनके आने से पहले सैकड़ों लोगों को दर्शन व पूजन करा दिया।