मिर्जापुर। मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही जिले में बुधवार को बदली छाई रही। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। पूरे दिन बदली छाए रहने और सर्द हवाओं के चलते ठंड भी लौट आई। मकर संक्रांति के बाद तापमान बढ़ने के कारण लोगों ने रजाइयां रख दी थी लेकिन ठंड लौटने के बाद लोगों को रजाइया फिर निकालनी पड़ी। घरों से लोग पूरी तरह से गर्म कपड़ों में निकले। मंगलवार को अधिकतम 28 और न्यूनतम 16 डिग्री तापमान रहा लेकिन बुधवार को लुढ़क कर अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस हो गया।
मौसम का रुख देख कर लोग मांगलिक कार्यक्रमों को लेकर चिंतित हो उठे हैं। फरवरी में लगन होने के चलते जिनके घरों में शादी विवाह का आयोजन आगामी दिनों में है, उनके मन में बादलों को देख भय व्याप्त हो गया है कि कहीं वर्षा हो गई तो कार्यक्रम में खलल पड़ सकता है। वहीं अचानक मौसम में परिवर्तन होने से लोगों को आलमारी में रख दिए गर्म वस्त्रों को एक बार फिर से निकालना पड़ा। बुधवार को पूरे दिन ठंडी हवा चलती रही, जिससे की एक बार फिर लोग कांप उठे। मंगलवार से ही बादलों का आना जाना शुरू हो गया था जो बुधवार को पूरी तरह से आसमान में छा गए। भगवान भास्कर के न निकलने व ठंडी हवाओं चलने से ठंड फिर से लौट आई। बुधवार को स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों पर अभिभावकों ने विशेष ध्यान दिया। बच्चों को स्वेटर, जैकेट और टोपी पहना कर स्कूल भेजा गया। दोपहर में हल्की बूंदाबांदी होने से लोगों में ठंड के अधिक दिनों तक खिंचने भय बन गया है। कई स्थानों पर बुधवार की देर शाम ठंडी हवाओं से बचने के लिए लोगों ने अलाव भी जला लिये थे। हालांकि इन अलावों के पास जानवर ही अधिक दिख रहे थे।