मड़िहान। नक्सल प्रभावित दस गांवों को आदर्श गांव बनाने के लिए ग्रीन ग्रुप का गठन किया गया है। इसके लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्र के दस गांव को आदर्श गांव बनान के लिए चयन कर इसकी सूचनी पुलिस अधीक्षक को भेजी गई है। ग्रुप की सदस्य गांवों में भ्रमण कर खुले में शौच मुक्त, नशा मुक्त, समेत अन्य दुर्व्यवसथा को दूर करने के लिए लोगों को जागरूक करने का काम करेंगी।
मड़िहान थाना क्षेत्र के दस नक्सल गांवों में ग्रीन ग्रुप का गठन किया गया है। ग्रीन ग्रुप में चयनित महिलाओं को होप वेलफेयर ट्रस्ट वाराणसी की संस्था द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षित टीम में 20 महिलाएं हरे रंग की साड़ी पहन कर सप्ताह में एक दिन गांवों का चक्रमण करेंगी। आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखते हुए इस दौरान गांव को स्वच्छ रखने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगी। गांव में जुआ, नशामुक्ति एवं तमाम अपराध की आशंका पर पुलिस का सहयोग महिलाओं की ग्रीन ग्रुप करती रहेगी। किसी भी तरह के अपराध होने की आशंका पर चौकन्ना रहते हुए टीम द्वारा पुलिस को आगाह भी करने का काम करेगी। समय समय पर गांव की गतिविधियों को पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाने का काम करेंगी। जिससे नक्सल क्षेत्र में एक नजीर पेश हो सके। दूसरे गांव के लोग भी इनसे सबक लेकर स्वच्छता आदर्श एवं निर्मल गांव का निर्माण कर सकें। हालांकि पुलिस द्वारा क्षेत्र में कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम चलाए जाने से नक्सलवाद में कमी आई है। फिर भी पुलिस अन्य कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को न्याय दिलाने तथा उनमें जागरूकता पैदा करने का करने की योजना बना ली है। पुलिस के इस कार्य से आम जनता में एक उम्मीद जगी है।
नक्सल प्रभावित गांवों को आदर्श गांव बनाने के लिए ग्रीन ग्रुप का गठन किया गया है। गठित टीम सप्ताह में एक बार गांव में भ्रमण कर आपराधिक गतिविधियों पर ध्यान देते हुए स्वच्छता एवं नशामुक्त समेत अन्य बिंदुओं पर कार्य करेगी।-आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक