मिर्जापुर। जिले में लगतार 74 वें दिन शुक्रवार को 11 महिला समेत 38 कोरोना पाजिटिव मिलने के बाद जिले में संक्रमितों की संख्या दो हजार के पार हो गई है। 24 के स्वस्थ होने पर उनको डिस्चार्ज कर दिया गया। 38 पाजिटिव मिलने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 2018 हो गई है। जिले में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 27 है। डिस्चार्ज होने वालों की कुल संख्या 1666 है। एक्टिव केस 325 है। 42 लोग आईसोलेशन व 189 लोग होम हाईसोलेशन में है।
सीएमओ डा. ओपी तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को एक हजार 697 की रिपोर्ट आई है। इसमें 38 पाजिटिव आए है। पाजिटिव में 11 पुरुष और 27 महिला है। पाजिटिव पाए गए लोगों में लखनपुर चील्ह से एक महिला, जगदीशपुर से एक पुरुष, वास्तु बिहार सदर से तीन पुरुष, कुशहां सीखड़ से पुरुष, आराजी लाइन सुल्तानपुर से दो पुरुष, कुशहां से क पुरुष, सिविल लाइन से एक पुरुष,गुदड़ी से एक पुरुष, गंगा दर्शन कालोनी से दो पुरुष, जंगीरोड से एक पुरुष, जमुई से एक पुरुष, डीबीएल जमुई से एक पुरुष, ददरा हलिया से एक पुरुष, कुशहां से दो पुरुष, पैड़ापुर से एक पुरुष, बाड़ापुर कछवां से पांच पुरुष व एक महिला, मोची टोला से एक पुरुष, डीबीएल कैंपस अहरौरा से एक पुरुष, बीरशाहपुर से एक महिला, बहुती बेलहरा से एक महिला, हयातनगर से एक पुरुष, रामचंदरपुर से एक पुरुष है।
28 लोगों को डिस्चार्ज किया गया। इसमें 20 पुरुष और आठ महिला है। जिले में अब तक 82 हजार 412 सैंपल लिया जा चुका है। 79 हजार 954 की रिपोर्ट आई है। दो हजार 458 की रिपोर्ट आना बाकी है। जिले में अब तक 46 हजार 550 की एंटीजेेन कीट से जांच कराई गई है। जिले में इस समय 124 हाट स्पाट है। इसमें 88 ग्रामीण और 36 शहरी क्षेत्र में है।
सक्तेशगढ़ आश्रम में मिले चार और संक्रमित
राजगढ़। राजगढ़ क्षेत्र कोविड-19 महामारी से क्षेत्र में संक्रमित ओं की संख्या बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को परमहंस सक्तेशगढ आश्रम में 45 लोगों की जांच शुक्रवार को की गई। जिसमें चार व्यक्ति संक्रमित पाए गए। इसके बाद आश्रम में आमजन के आने पर रोक लगा दी गई है। पिछले चार दिनों मेें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व सकतेशगढ़ आश्रम में 12 मरीजों के मिलने पर राजगढ़ क्षेत्र के ग्रामीण कोरोना को लेकर डर व्याप्त हो गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी सेवाएं बंद है। इमरजेंसी मरीज ही देखे जा रहे हैं। इसके बाद भी राजगढ़ क्षेत्र के ग्रामीण कोविड-19 महामारी से संक्रमित होने से बचने के लिए कोई उपाय नहीं अपना रहे हैं। न ही मास्क का प्रयोग किया जा रहा है।