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ॐफागुन महीनवा महान भईया, बुढवा तक होले जवान भईयाॐ

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चुनार। गंगाघाट स्थित पांडेय बेचन शर्मा उग्र पुस्तकालय एवं वाचनालय में शुक्रवार की शाम चुनार साहित्य परिषद के तत्वावधान में होली मिलन समारोह व काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यकम की शुरुआत कमलेश्वर कमल ने वाणी वंदना से की। युवा कवि अफसर अली ने हर रंग को रंग में मिलाओ तो भाई होली है, आपसी रंज मिटाओं तो भाई होली है। को सुनाकर लोगों में आपसी भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया।
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नयन वर्मा ने फागुन महीनवा महान भईया, बुढवा तक होले जवान भईया। अशोक कुशवाहा ने दल बदलू को देखकर गिरगिट भी शरमायें, आते जाते दल बदलू देख झाड़ी में छिप जाए। रमेश पांडेय ने मिटा दो द्वेष की ज्वाला बहा दो प्यार की गंगा,न वैर मंदिर, मस्जिद का न हो कोई दंगा। सुरेंद्र मिश्र अंकुर ने ऽसभी ढूंढते है खुशी का समंदर, मैं आखों में आंसू के जल ढूंढता हूं। राजेश मिश्र ज्योति ने होली का हुडदंग देख मैं दंग हो रहा, आज भाई भाई में क्यों जंग हो रहा है। सुनकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी। काव्य गोष्ठी से पूर्व लोगों ने अबीर गुलाल लगाकर लोगों ने एक दूसरे को होली की बधाई दी। इस दौरान मेजर कृपाशंकर सिंह, नरेंद्र पांडेय, राजकुमार पांडेय, भोलानाथ, महेंद्र सेठ, भरत जौहरी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सुरेन्द्र मिश्र अंकुर ने किया।
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