जमुई। चुनार कोतवाली क्षेत्र के सझौली शहनाई ईंट भट्ठा पर मजदूरों को पानी पीने के लिए बनाई गई टंकी रविवार की सुबह पांच बजे अचानक भर भराकर गिर गई। पानी लेने गए दो मजदूरों की मलबे में दबने से मौत हो गई। हादसे की जानकारी पाकर पहुंचे भट्ठा मालिक ने पुलिस को घटना की सूचना दी। मालिक ने दोनों मजदूरों के घरवालों को मुआवजे के तौर पर सवा दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की। परिवार की ओर से पुलिस में शिकायत नहीं की गई है।
जमालपुर थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव निवासी राजेश कुमार (35) पुत्र कंगल ईंट भट्ठे पर बनने वाले कच्चे ईंट को सगड़ी से लादकर छल्ले तक पहुंचाने का कार्य करता था। इसी गांव का मजदूर राजेंद्र प्रसाद (60) पुत्र टेंगरी ईंट पथाई करता था। रविवार की सुबह पांच बजे राजेश और राजेंद्र पानी भर रहे थे कि जर्जर होने के कारण अचानक टंकी भरभराकर उनके ऊपर गिर पड़ी। जिसके मलबे में दोनों दब गए। शोरगुल होने पर भट्ठे पर बने मकानों में सो रहे अन्य मजदूर भागकर घटना स्थल पर पहुंचे और मलबा हटाकर दोनों मजदूरों को बाहर निकाला। दोनों को सीएचसी चुनार ले जाया गया। जहां देखते ही चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों मजदूरों की मौत की खबर सुनकर अन्य मजदूर नाराज हो गए। मजदूरों ने आरोप लगाया कि महीनों से भट्ठा मालिक को बताया गया था कि पानी की टंकी जर्जर हो चुकी है। जल्द इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन भट्ठा मालिक ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसी का नतीजा है कि रविवार की सुबह 12 फीट ऊंची टंकी मजदूरों पर गिर पड़ी। मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी चुनार राजेश प्रताप सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भट्ठा मालिक अजय कुमार सिंह ने परिजनों को सवा दो-दो लाख रुपये मुआवजा के तौर पर देकर मामलों को रफादफा करा दिया।