मिर्जापुर। प्रदेश के वित्त मंत्री व प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में हुई समीक्षा बैठक में नगर की जर्जर सड़कों पर चिंता जताते हुए अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग तथा आरईएस के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने जिलाधिकारी को छह निर्माणाधीन सड़कों की टेक्निकल टीम से जांच कराकर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। कहा कि जांच के दौरान सड़क की गुणवत्ता खराब मिली तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। सहायक श्रमायुक्त के अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी।
समीक्षा बैठक में मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल और मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्य ने जनपद में सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल उठाया। इस पर वित्तमंत्री ने सड़कों की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। विंध्याचल में नवरात्र मेले में आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए स्थायी शौचालय बनवाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी अनुराग पटेल से कहा कि वे इसके लिए पत्राचार करें। उन्होंने कहा कि सांसद, विधायक निधियों में काफी धनराशि डंप पड़ी है। कार्य योजना बनाकर निधि का उपयोग करें। विकास कार्य कर रही कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता की हिदायत दी जाए। प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा कि कई विकास कार्य वन विभाग के अवरोध के कारण रुका हुआ है। उन्होंने भूखंडोें के हस्तानांतरण और उसके स्टेटमेंट के लिए कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बैठक में एसपी शालिनी, जिलाध्यक्ष बालेंदुमणि त्रिपाठी, पीडी ऋषि मुनि उपाध्याय, उप निदेशक कृषि डा अशोक उपाध्याय, दिव्यांग अधिकारी दिव्या शुक्ला, अल्पसंख्यक अधिकारी विनोद जायसवाल आदि मौजूद रहे।
वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जनपद का विकास पहली प्राथमिकता है। मुख्य विकास अधिकारी प्रियंका निरंजन को निर्देश दिया कि मनरेगा के तहत अधिक से अधिक लोगों को काम मुहैया कराया जाए। मनरेगा के तहत जिन ग्राम पंचायतों में प्रधान और सेक्रेटरी द्वारा कार्य नहीं कराया जा रहा है। कार्य योजना बनाकर कार्य कराएं। लापरवाही बरतने वाले प्रधान व सेक्रेटरी के विरुद्ध कार्रवाई करें। लीड बैंक प्रबंधक को निर्देश दिया कि किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाएं।
वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिशासी अभियंता को बिजली के जर्जर तारों को बदलने का निर्देश दिया ताकि जनता को निर्वाध रूप से बिजली आपूर्ति कराई जा सके। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों की ओर से जनता की समस्याओं के निराकरण करने में लापरवाही बरती जा रही है। कई अधिकारी समस्याएं नहीं सुनी जा रही हैं। ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। पेयजल समस्या के निराकरण के लिए पाइप लाइन परियोजना, हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोर कराने का निर्देश दिया।